रायखेड़ा (रायपुर)। ग्राम पंचायत रायखेड़ा के किसान अब अडानी पावर प्लांट पर खुलकर नाराज़ हैं। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि प्लांट प्रबंधन ने गडरिया क्षेत्र की खसरा नंबर 178 — 8.49 एकड़ सरकारी जमीन (तालाब) को अवैध तरीके से अपने कब्जे में ले लिया है। यही जमीन अब तक किसानों के सिंचाई का प्रमुख साधन रही है।

किसानों का कहना है अडानी पावर प्लांट धीरे-धीरे आसपास की खेती योग्य जमीनों पर भी कब्जा करने की साज़िश रच रहा है। इससे पूरे गांव के किसानों की रोज़ी-रोटी पर संकट मंडरा रहा है।
गुस्से में आए ग्रामीणों ने 19 दिसंबर 2025 को एसडीएम कार्यालय पहुंचकर लिखित आवेदन दिया और अडानी प्रबंधन के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।किसानों ने चेतावनी दी कि अगर प्रशासन ने जल्द कार्रवाई नहीं की, तो वे आंदोलन के लिए मजबूर होंगे।

ग्रामीणों का कहना है, “हमारी जमीन छीनी जा रही है, सिंचाई का साधन खत्म हो गया है — अब हम चुप नहीं बैठेंगे।”
गांव में माहौल गर्म है, और अडानी पावर प्लांट के खिलाफ विरोध की लहर तेज़ होती दिख रही है।


