पारिवारिक विवाद बना हत्या की वजह, पुलिस ने तेजी से की कार्रवाई
छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले के पामगढ़ थाना क्षेत्र में एक बेहद दर्दनाक और दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहां एक पिता ने हैवानियत की सारी हदें पार करते हुए अपने ही 5 वर्षीय मासूम बेटे को नहर के गहरे पानी में डुबोकर मौत के घाट उतार दिया। इस अमानवीय घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। घटना के बाद जहां परिवार में मातम पसरा हुआ है, वहीं इलाके के लोग भी इस क्रूर घटना से स्तब्ध हैं।
पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपी पिता को कुछ ही घंटों के भीतर गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार आरोपी का नाम रेशम लाल यादव (27 वर्ष) है, जो ग्राम भैसो, थाना पामगढ़ का निवासी है। आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1) के तहत अपराध दर्ज कर उसे विधिवत गिरफ्तार किया गया और न्यायालय में पेश कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।
पारिवारिक विवाद बना मासूम की मौत की वजह
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार आरोपी रेशम यादव की शादी वर्ष 2018 में हुई थी और उसके तीन बच्चे हैं। लेकिन बीते कुछ समय से पति-पत्नी के बीच लगातार पारिवारिक विवाद और झगड़े की स्थिति बनी हुई थी। अक्सर दोनों के बीच मारपीट और तनाव की स्थिति पैदा हो जाती थी। इसी कारण उसकी पत्नी अपनी दो बेटियों को लेकर अपने मायके ग्राम भिलौनी चली गई थी।
हालांकि उनका पांच वर्षीय बेटा आयुष आरोपी पिता के साथ ही रह रहा था। बताया जा रहा है कि आरोपी अक्सर अपनी पत्नी को फोन कर धमकी देता था कि वह पहले अपने बेटे को मार देगा और उसके बाद खुद भी अपनी जान दे देगा। परिवार के लोगों ने शुरू में इन धमकियों को गंभीरता से नहीं लिया, लेकिन बाद में यही धमकी एक भयावह सच बनकर सामने आ गई।
बेटे को लेकर निकला और कर दी हत्या
पुलिस जांच में सामने आया कि 13 मार्च की शाम आरोपी अपने बेटे आयुष को लेकर घर से निकला था। उस समय किसी को यह अंदाजा भी नहीं था कि वह इतना बड़ा और खौफनाक कदम उठाने जा रहा है।
बताया जा रहा है कि 14 मार्च की रात करीब 1 बजे आरोपी अपने बेटे को लेकर ग्राम भिलौनी के पास स्थित आवास पारा नहर के पास पहुंचा। वहां उसने अपने ही बेटे को नहर के गहरे पानी में डुबो दिया, जिससे मासूम की मौके पर ही मौत हो गई। यह घटना इतनी क्रूर और अमानवीय थी कि जिसने भी इसके बारे में सुना, उसका दिल दहल गया। एक पिता द्वारा अपने ही बच्चे के साथ ऐसी निर्दयता ने पूरे समाज को झकझोर दिया है।
खुद ही पत्नी के घर पहुंचकर बताई वारदात
हैरानी की बात यह है कि बेटे की हत्या करने के बाद आरोपी सीधे अपनी पत्नी के मायके पहुंच गया। रात करीब 2 बजे वह वहां पहुंचा और अपनी पत्नी को खुद ही यह बताया कि उसने उनके बेटे को नहर में डुबोकर मार दिया है। यह सुनते ही परिवार के लोगों के होश उड़ गए। पत्नी और उसके परिजनों ने तुरंत इस घटना की जानकारी पुलिस को दी।
सूचना मिलते ही पुलिस की त्वरित कार्रवाई
घटना की जानकारी मिलते ही पामगढ़ थाना पुलिस तुरंत सक्रिय हो गई। पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पाण्डेय के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक उमेश कुमार कश्यप के मार्गदर्शन और अकलतरा के उप पुलिस अधिकारी प्रदीप कुमार सोरी के नेतृत्व में पुलिस टीम ने तत्काल कार्रवाई शुरू की।
पामगढ़ थाना प्रभारी सावन सारथी ने अपनी टीम के साथ तेजी से कार्रवाई करते हुए आरोपी को हिरासत में ले लिया। पुलिस ने आरोपी से पूछताछ की, जिसमें उसने अपना अपराध स्वीकार कर लिया। इसके बाद पुलिस ने उसे विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत किया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
पुलिस टीम की सराहनीय भूमिका
इस पूरे मामले में पामगढ़ थाना पुलिस ने त्वरित और प्रभावी कार्रवाई करते हुए आरोपी को जल्द ही पकड़ लिया। इस कार्रवाई में थाना प्रभारी सावन सारथी, सहायक उप निरीक्षक संतोष बंजारे, रामदुलार साहू, प्रधान आरक्षक राजेश कोशले और भुवनेश्वर पटेल का सराहनीय योगदान रहा।
इलाके में शोक और आक्रोश
इस घटना के बाद पूरे क्षेत्र में शोक और आक्रोश का माहौल है। लोग इस बात को लेकर हैरान हैं कि आखिर एक पिता अपने ही मासूम बेटे के साथ इतना क्रूर व्यवहार कैसे कर सकता है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि पारिवारिक विवाद चाहे कितना भी बड़ा क्यों न हो, लेकिन किसी भी परिस्थिति में एक मासूम बच्चे को अपनी दुश्मनी का शिकार बनाना बेहद निंदनीय और अमानवीय है। यह घटना समाज के लिए भी एक बड़ा संदेश छोड़ती है कि पारिवारिक विवाद और मानसिक तनाव का समाधान बातचीत और समझदारी से निकाला जाना चाहिए, क्योंकि गुस्से में उठाया गया एक गलत कदम कई जिंदगियां बर्बाद कर सकता है।
पुलिस अब इस पूरे मामले की आगे की जांच कर रही है और घटना से जुड़े सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए कानूनी प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा रहा है।

