मनेन्द्रगढ़ (छत्तीसगढ़)। मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत नए जीवन की दहलीज पर कदम रखने निकले दर्जनों जोड़ों की खुशियां मंगलवार को मातम में बदल गईं। जनकपुर से रतनपुर जा रही दुर्गा बस नागपुर रेलवे स्टेशन के पास अनियंत्रित होकर गहरे गड्ढे में जा गिरी। इस भयावह हादसे में बस में सवार 54 नवविवाहित जोड़े घायल हो गए, जिनमें कई की हालत गंभीर बताई जा रही है।
तेज रफ्तार बनी काल, गड्ढे में समाई सरकारी व्यवस्था
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक बस की रफ्तार बेहद तेज थी। पोड़ी थाना क्षेत्र के नागपुर इलाके में अचानक चालक ने संतुलन खो दिया और बस सीधे सड़क किनारे बने खाईनुमा गड्ढे में जा गिरी। हादसा इतना जबरदस्त था कि बस में सवार दूल्हा-दुल्हन, परिजन और रिश्तेदार चीख-पुकार करते रह गए।

मानवता शर्मसार: चालक-कंडक्टर फरार
हादसे के बाद जो दृश्य सामने आया, उसने इंसानियत को शर्मसार कर दिया। प्रत्यक्षदर्शियों का आरोप है कि बस चालक और कंडक्टर घायलों को तड़पता छोड़ मौके से फरार हो गए। न कोई मदद, न कोई सूचना—सरकारी योजना के नाम पर निकले लोग सड़क पर बेसहारा छोड़ दिए गए।
शादी मंडप नहीं, अस्पताल पहुंचे जोड़े
जिस यात्रा का अंत शादी की रस्मों और मंगल गीतों के साथ होना था, उसका अंत अस्पताल के बिस्तरों पर हुआ। सभी घायलों को तत्काल नागपुर उप स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया, जहां कई जोड़ों का इलाज जारी है। कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है, जिससे परिजनों में दहशत और आक्रोश है।
मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना पर सवाल
इतने बड़े सरकारी आयोजन में बस की सुरक्षा, फिटनेस और चालक की जिम्मेदारी पर अब गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
* क्या बस की तकनीकी जांच की गई थी?
* क्या चालक को निर्धारित गति सीमा का पालन करने के निर्देश थे?
* आखिर गरीब बेटियों की जान को जोखिम में डालकर बस इतनी तेज क्यों चलाई जा रही थी?
पुलिस जांच में जुटी, आरोपियों की तलाश
घटना की सूचना मिलते ही पोड़ी थाना और नागपुर चौकी पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने घायलों को अस्पताल भिजवाया और फरार चालक-कंडक्टर की तलाश तेज कर दी गई है। मामले में लापरवाही और आपराधिक negligence की जांच की जा रही है।
खुशियों की योजना या लापरवाही का खेल?
मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना गरीब परिवारों की बेटियों के लिए सहारा मानी जाती है, लेकिन मनेन्द्रगढ़ की यह घटना बताती है कि योजनाएं कागज पर भले ही सुंदर हों, जमीन पर लापरवाही जानलेवा साबित हो रही है।
क्या इस हादसे के जिम्मेदारों पर सख्त कार्रवाई होगी,
या फिर यह मामला भी फाइलों में दबकर रह जाएगा?

