अंबिकापुर। विशेष रिपोर्ट। 
“अपने शहर में गर्लफ्रेंड बनाओ, क्योंकि अंबिकापुर की 10 हजार लड़कियां इस ऐप पर एक्टिव हैं!” — फेसबुक पर महज 16 सेकंड का यह भड़काऊ विज्ञापन किसी रोमांटिक सपने का नहीं, बल्कि साइबर ठगों के खतरनाक जाल का हिस्सा है। RILU नामक संदिग्ध ऐप छत्तीसगढ़ के युवाओं को निशाना बना रहा है। 

विज्ञापन का लोभ भरा फॉर्मूला 

विज्ञापन में प्रतापपुर, लुंड्रा, रामानुजगंज, उदयपुर जैसे स्थानीय इलाकों के नाम लेकर भरोसा पैदा किया जा रहा है। दावा किया जाता है कि “आपके आसपास की असली लड़कियां” इस ऐप पर चैट के लिए तैयार हैं। लेकिन साइबर विशेषज्ञों के अनुसार, ऐसे ऐप्स पर ज्यादातर फर्जी प्रोफाइल और बॉट्स ही सक्रिय होते हैं। 

मोबाइल डेटा चोरी का पूरा खाका 

ऐप इंस्टॉल करते ही ये परमिशन मांगते हैं: 
– कॉन्टैक्ट लिस्ट – दोस्तों-रिश्तेदारों तक पहुंच 
– फोटो/वीडियो गैलरी- निजी तस्वीरें चोरी 
– लोकेशन ट्रैकिंग- हर कदम पर निगरानी 
– OTP और SMS – बैंकिंग जानकारी चुराना 
– कैमरा/माइक – वीडियो रिकॉर्डिंग 
एक बार परमिशन मिली, तो फोन साइबर अपराधियों के कब्जे में। 

ठगी का 4-चरणीय जाल 
1. फर्जी प्रोफाइल से चैट शुरू, भरोसा बनाना 
2. निजी फोटो/वीडियो मांगना 
3. प्रीमियम मेंबरशिप, गिफ्ट कार्ड या वॉलेट रिचार्ज कराना 
4. ब्लैकमेलिंग शुरू — पैसे न दिए तो निजी जानकारी वायरल 

स्थानीय युवाओं पर खास निशाना क्यों? 

छत्तीसगढ़ के ग्रामीण और कस्बाई इलाकों में सस्ते इंटरनेट और स्मार्टफोन की पहुंच बढ़ी है। ठग इसी कमजोरी का फायदा उठा रहे हैं। फेसबुक के हाई-टारगेटेड विज्ञापनों से खास इलाकों के 18-25 साल के युवाओं को चुना जा रहा है। 

5 जरूरी सावधानियां 
– लोकल नामों वाले ऐप डाउनलोड करने से पहले Play Store रिव्यू और कंपनी डिटेल्स जांचें 
– अनावश्यक परमिशन कभी न दें, तुरंत अनइंस्टॉल करें 
– पैसे/गिफ्ट मांगने पर चैट बंद कर ब्लॉक करें 
– स्क्रीनशॉट लेकर cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें 
– परिवार को अलर्ट करें, खासकर किशोरों को

प्रशासन से तीखे सवाल 
1. फेसबुक पर ऐसे भ्रामक विज्ञापन कैसे चल रहे हैं? 
2. RILU ऐप के सर्वर कहां हैं, संचालक कौन हैं? 
3. साइबर पुलिस ने इस नेटवर्क की जांच शुरू की या नहीं? 
सतर्क रहें! ऑनलाइन “प्यार” के नाम पर बिछे इन जालों से खुद और अपने बच्चों को बचाएं।

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