राजधानी रायपुर की व्यस्त और हेवी ट्रैफिक वाली सड़कों पर अब रैली, जुलूस और सार्वजनिक प्रदर्शन नहीं हो सकेंगे। बढ़ते ट्रैफिक दबाव और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से रायपुर पुलिस कमिश्नरेट ने नया आदेश जारी किया है। अगले दो महीने तक चार प्रमुख मार्गों पर सुबह 9 बजे से रात 9 बजे तक किसी भी प्रकार के सार्वजनिक आयोजन पर प्रतिबंध रहेगा।
जारी आदेश के अनुसार, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) 2023 की धारा 163 के तहत यह प्रतिबंध लगाया गया है। प्रशासन का कहना है कि इन मार्गों पर लगातार ट्रैफिक जाम की स्थिति बनती है, जिससे आम नागरिकों, स्कूली बच्चों, मरीजों और कार्यालय आने-जाने वाले लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। ऐसे में भीड़भाड़ वाले आयोजनों पर रोक जरूरी समझी गई है।
किन सड़कों पर लागू रहेगा प्रतिबंध?
पुलिस द्वारा जारी निर्देश के अनुसार, निम्नलिखित मार्गों पर रैली, जुलूस और प्रदर्शन पूरी तरह प्रतिबंधित रहेंगे—
- जी.ई. रोड – शारदा चौक से जयस्तंभ चौक होते हुए फूल चौक तक
- एम.जी. रोड – जयस्तंभ चौक से कोतवाली चौक तक
- सदर बाजार रोड – कोतवाली चौक से सत्ती बाजार चौक तक
- एम.जी. रोड – मौलाना चौक से शारदा चौक तक
ये सभी मार्ग राजधानी के सबसे व्यस्त व्यावसायिक और प्रशासनिक क्षेत्र माने जाते हैं। दिनभर यहां भारी यातायात रहता है। किसी भी प्रकार का सार्वजनिक आयोजन होने पर लंबा जाम लग जाता है और आपातकालीन सेवाएं भी प्रभावित होती हैं।
क्यों लिया गया यह फैसला?
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि हाल के दिनों में शहर में कई संगठनों द्वारा रैली और जुलूस निकाले गए, जिससे ट्रैफिक व्यवस्था चरमरा गई। कई बार एंबुलेंस तक जाम में फंसने की शिकायतें सामने आईं। त्योहारों और बाजारों के व्यस्त समय को देखते हुए प्रशासन ने एहतियात के तौर पर यह कदम उठाया है।
कमिश्नरेट का कहना है कि यह फैसला किसी संगठन या विचारधारा को लक्षित कर नहीं लिया गया है, बल्कि शहर की यातायात व्यवस्था और सार्वजनिक सुरक्षा को ध्यान में रखकर लिया गया है।
उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई
आदेश में स्पष्ट किया गया है कि प्रतिबंध का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। आयोजकों के साथ-साथ अनुमति के बिना भीड़ जुटाने वालों पर भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है। पुलिस ने सभी सामाजिक, राजनीतिक और व्यापारिक संगठनों से अपील की है कि वे नियमों का पालन करें और प्रशासन का सहयोग करें।
आम जनता की मिली-जुली प्रतिक्रिया
इस फैसले पर लोगों की मिली-जुली प्रतिक्रिया सामने आ रही है। रोजाना इन मार्गों से गुजरने वाले कई नागरिकों ने इसे राहत भरा कदम बताया है। उनका कहना है कि बार-बार लगने वाले जाम से कामकाज प्रभावित होता था। वहीं कुछ संगठनों का मानना है कि सार्वजनिक विरोध और रैली लोकतांत्रिक अधिकार हैं, इसलिए प्रशासन को वैकल्पिक स्थान तय करना चाहिए।
आगे क्या?
फिलहाल यह आदेश दो महीने के लिए प्रभावी रहेगा। स्थिति की समीक्षा के बाद प्रशासन आगे का निर्णय लेगा। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि शहर में शांति, सुरक्षा और सुचारु यातायात बनाए रखना प्राथमिकता है।
रायपुर की सड़कों पर यह सख्ती आने वाले दिनों में ट्रैफिक व्यवस्था को कितना सुधार पाएगी, यह देखने वाली बात होगी। लेकिन फिलहाल इतना तय है कि राजधानी की चार प्रमुख सड़कों पर रैली-जुलूस निकालने वालों को दो महीने तक इंतजार करना होगा।

