सीवी रमन यूनिवर्सिटी के छात्रावास से लापता हुआ छात्र, कमरे से मिली नोटबुक में 40 लाख से ज्यादा का लेन-देन; ऑनलाइन गेमिंग और बेटिंग नेटवर्क पर उठे गंभीर सवाल

रायपुर. छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले से सामने आया एक मामला अब सिर्फ एक छात्र की गुमशुदगी तक सीमित नहीं रह गया है। यह घटना अब कई गंभीर सवालों को जन्म दे रही है—छात्र सुरक्षा, विश्वविद्यालय प्रशासन की जिम्मेदारी, ऑनलाइन बेटिंग का बढ़ता जाल और लाखों रुपये के रहस्यमय लेन-देन का मामला।

कोटा थाना क्षेत्र में स्थित सी. वी. रमन यूनिवर्सिटी के छात्रावास में रहने वाला 19 वर्षीय छात्र रोहित कुमार 6 मार्च 2026 से लापता है। रोहित बिहार के गया जिले के महावीर कॉलोनी संगम चौक का रहने वाला बताया जा रहा है और वह विश्वविद्यालय में पढ़ाई के लिए बिलासपुर आया था। घटना के बाद पुलिस ने गुम इंसान का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है, लेकिन जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे यह मामला और भी रहस्यमय होता जा रहा है।

छात्रावास से अचानक गायब हुआ छात्र

प्राप्त जानकारी के अनुसार रोहित कुमार 6 मार्च 2026 की शाम लगभग 4 बजे के बाद से छात्रावास से अचानक गायब हो गया। उस समय वह अपने कमरे में था और उसके बाद उसे किसी ने परिसर में नहीं देखा। जब देर रात तक वह वापस नहीं लौटा तो छात्रावास के अन्य छात्रों को संदेह हुआ। इसके बाद छात्रावास प्रभारी को इसकी जानकारी दी गई। अगले दिन 7 मार्च को छात्रावास प्रभारी ने थाना कोटा में इसकी रिपोर्ट दर्ज कराई।

पुलिस ने गुम इंसान प्रकरण क्रमांक 29/2026 दर्ज कर रोहित की तलाश शुरू कर दी। शुरुआत में इसे एक सामान्य गुमशुदगी का मामला माना जा रहा था, लेकिन कमरे की तलाशी के बाद जो चीजें सामने आईं, उन्होंने पूरे मामले को गंभीर और रहस्यमय बना दिया।

कमरे से मिला बिना सिम वाला मोबाइल

पुलिस ने जब रोहित के कमरे की तलाशी ली तो वहां से एक मोबाइल फोन बरामद हुआ। यह मोबाइल बिना सिम कार्ड का था। यह बात अपने आप में ही संदेह पैदा करती है। सवाल उठता है कि रोहित का मोबाइल बिना सिम के कमरे में क्यों रखा था? क्या वह किसी दूसरे मोबाइल का इस्तेमाल कर रहा था? या फिर उसने जानबूझकर सिम निकालकर मोबाइल कमरे में छोड़ दिया था? पुलिस अब इस मोबाइल के डाटा की जांच कर रही है।

ऑनलाइन गेमिंग और बेटिंग के नियम लिखे मिले

कमरे से एक कागज भी मिला जिसमें ऑनलाइन गेमिंग और बेटिंग से जुड़े कुछ नियम लिखे हुए थे। इन नियमों में पैसों के लेन-देन और गेमिंग से जुड़े कुछ नोट्स दर्ज थे। इससे यह संकेत मिल रहा है कि रोहित ऑनलाइन गेमिंग और संभवतः बेटिंग से जुड़ा हुआ था। पुलिस ने जब उसके दोस्तों और परिचितों से पूछताछ की तो यह भी सामने आया कि वह ऑनलाइन गेमिंग में काफी सक्रिय था।

नोटबुक में मिला 40 लाख से अधिक का हिसाब

लेकिन सबसे चौंकाने वाली चीज वह नोटबुक थी जो रोहित के कमरे से बरामद हुई। इस नोटबुक में लगभग 40 लाख 77 हजार 400 रुपये के लेन-देन का हिसाब लिखा हुआ पाया गया है। यह रकम किसी भी छात्र के लिए बहुत बड़ी मानी जाती है। ऐसे में सवाल उठना स्वाभाविक है कि आखिर एक 19 साल का छात्र इतने बड़े पैमाने पर पैसों का लेन-देन कैसे कर रहा था। क्या वह सिर्फ अपने पैसों से यह काम कर रहा था? या फिर वह किसी बड़े ऑनलाइन नेटवर्क का हिस्सा था?

दोस्तों से कैश में मांगे थे पैसे

पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि घटना वाले दिन रोहित ने अपने कुछ साथियों से कैश में पैसे मांगे थे। उसने उनसे कहा था कि वह पैसे तुरंत यूपीआई के माध्यम से वापस कर देगा। लेकिन इसके कुछ ही समय बाद वह अचानक लापता हो गया। यह घटना कई तरह के संदेह पैदा कर रही है। क्या रोहित किसी वित्तीय दबाव में था? क्या किसी ने उससे पैसे की मांग की थी? या फिर वह किसी बड़े ऑनलाइन लेन-देन में फंस गया था?

मां को भेजा गया मैसेज भी रहस्य बना

जांच के दौरान पुलिस को एक और महत्वपूर्ण जानकारी मिली। रोहित के मोबाइल से उसकी मां को एक मैसेज भेजा गया था जिसमें लिखा था कि वह अपनी मर्जी से कहीं जा रहा है। लेकिन यह मैसेज कभी डिलीवर नहीं हुआ। अब सवाल यह उठता है कि अगर वह अपनी मर्जी से जा रहा था तो मैसेज क्यों नहीं पहुंचा? क्या मोबाइल नेटवर्क की समस्या थी? या फिर यह मैसेज भेजे जाने के बाद कुछ और हुआ?

बैंक खातों में मिले लाखों के ट्रांजेक्शन

पुलिस ने रोहित के बैंक खातों की भी जांच शुरू की है। प्रारंभिक जांच में लगभग 7 लाख रुपये के ट्रांजेक्शन सामने आए हैं। इनमें कई लोगों और मोबाइल ऐप के माध्यम से पैसे का लेन-देन हुआ है। इससे यह साफ हो रहा है कि रोहित ऑनलाइन ट्रांजेक्शन में सक्रिय था। लेकिन यह अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाया है कि यह पैसे किस उद्देश्य से लिए और दिए जा रहे थे।

सीसीटीवी फुटेज की जांच

पुलिस ने मामले की जांच के लिए आसपास के कई स्थानों के सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले हैं। इनमें शामिल हैं—

  • यूनिवर्सिटी गेट
  • मोबाइल नाका चौक
  • खत्री इंटरप्राइजेस
  • यूको बैंक एटीएम
  • पेट्रोल पंप
  • आसपास के स्कूल और दुकानें

इन फुटेज के जरिए यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि रोहित आखिरी बार कहां और किसके साथ देखा गया था।

डॉग स्क्वाड से रेलवे स्टेशन तक खोज

पुलिस ने डॉग स्क्वाड की मदद से भी सर्च ऑपरेशन चलाया। डॉग स्क्वाड को छात्रावास से लेकर कोटा रेलवे स्टेशन तक ले जाया गया। इससे यह संभावना जताई जा रही है कि रोहित रेलवे स्टेशन की दिशा में गया हो सकता है। हालांकि अभी तक उसकी कोई ठोस जानकारी नहीं मिल पाई है।

अन्य जिलों को भी भेजी गई जानकारी

पुलिस ने रोहित की जानकारी अन्य जिलों की पुलिस को भी भेज दी है। ताकि अगर वह किसी दूसरे जिले या राज्य में दिखाई दे तो तुरंत सूचना मिल सके।

विश्वविद्यालय प्रशासन पर उठ रहे सवाल

इस पूरे मामले के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन पर भी सवाल उठने लगे हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि अगर छात्रावास में रहने वाला एक छात्र लाखों रुपये के लेन-देन में शामिल था, तो प्रशासन को इसकी जानकारी क्यों नहीं मिली? क्या छात्रावास में किसी प्रकार की निगरानी व्यवस्था नहीं थी? क्या ऑनलाइन गतिविधियों की कोई जांच नहीं होती?

क्या विश्वविद्यालय में चल रहा था कोई नेटवर्क?

स्थानीय लोगों और छात्रों के बीच अब यह चर्चा भी होने लगी है कि कहीं विश्वविद्यालय परिसर में ऑनलाइन गेमिंग या बेटिंग से जुड़ा कोई बड़ा नेटवर्क तो नहीं चल रहा था। अगर एक छात्र के पास 40 लाख रुपये के लेन-देन का हिसाब मिल सकता है, तो यह सिर्फ एक व्यक्ति का मामला होना मुश्किल लगता है।

परिवार को समय पर सूचना क्यों नहीं?

एक और गंभीर सवाल यह भी उठ रहा है कि रोहित के लापता होने के बाद उसके परिवार को तुरंत सूचना क्यों नहीं दी गई। क्या सूचना देने में देरी हुई? अगर हुई, तो उसके पीछे क्या कारण था?

परिवार को पहले से थी जानकारी

पुलिस के अनुसार रोहित के भाई-बहनों को यह जानकारी थी कि वह ऑनलाइन बेटिंग में पैसे लगा रहा था। बताया जा रहा है कि वह इसमें काफी पैसे हार भी चुका था। यह जानकारी इस मामले को और जटिल बना देती है।

बाहरी जांच की मांग

इस घटना के बाद स्थानीय लोगों, छात्रों और अभिभावकों के बीच चिंता बढ़ गई है। कई लोगों ने मांग की है कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष बाहरी जांच कराई जाए। इस जांच में निम्न मुद्दों को शामिल करने की मांग की जा रही है—

  • विश्वविद्यालय की प्रशासनिक व्यवस्था
  • छात्रावास प्रबंधन
  • छात्रों की सुरक्षा व्यवस्था
  • वित्तीय गतिविधियों की निगरानी
  • ऑनलाइन गेमिंग और बेटिंग की संभावित गतिविधियां

पुलिस का बयान

पुलिस का कहना है कि मामले की जांच पूरी पारदर्शिता के साथ की जा रही है। हर पहलू की गहन जांच की जा रही है और परिवार को भी जांच की जानकारी दी जा रही है। साथ ही पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि अगर किसी को रोहित कुमार के बारे में कोई भी जानकारी मिले तो तुरंत थाना कोटा, जिला बिलासपुर को सूचित करें।

सबसे बड़ा सवाल अभी भी बाकी

फिलहाल इस पूरे मामले में कई सवाल हैं जिनके जवाब अभी तक नहीं मिले हैं। रोहित कुमार आखिर कहां है? क्या वह अपनी मर्जी से गया है या किसी दबाव में? 40 लाख रुपये के लेन-देन का असली सच क्या है? सबसे बड़ा सवाल— क्या यह सिर्फ एक छात्र की गुमशुदगी है, या किसी बड़े नेटवर्क और बड़े रहस्य की शुरुआत?

इन सवालों के जवाब अब जांच पूरी होने के बाद ही सामने आ पाएंगे। लेकिन फिलहाल यह मामला पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बन चुका है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *