रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र के दौरान प्रदेश के 12वीं बोर्ड के हिंदी पेपर लीक होए के आरोप के मामला गरमाय गीस। सदन म ए मुद्दा ऊपर जमके चर्चा होइस। कांग्रेस विधायक देवेंद्र यादव ए मामला ला उठावत प्रदेश के स्कूली शिक्षा व्यवस्था ऊपर गंभीर सवाल खड़ा करिन।
विधानसभा म उठे ए मुद्दा के बाद राजनीतिक माहौल घलो गरमा गीस। कांग्रेस पक्ष के कहना हवय के अगर सच म बोर्ड परीक्षा के पेपर लीक होवत हवय त ए शिक्षा व्यवस्था बर बहुत गंभीर बात आय। एखर सीधा असर हजारों छात्र-छात्रा मन के भविष्य ऊपर पड़ सकथे।
कांग्रेस विधायक देवेंद्र यादव मीडिया संग बातचीत करत कहिन के छत्तीसगढ़ म पहले लेच स्कूली शिक्षा के हालत ऊपर लगातार चर्चा होवत रहिस। कई जगह शिक्षक के कमी, स्कूल मं बुनियादी सुविधा के अभाव अउ पढ़ाई के गुणवत्ता ऊपर सवाल उठत रहिस। अब 12वीं बोर्ड के हिंदी पेपर लीक होए के खबर सामने आना शिक्षा व्यवस्था बर चिंताजनक बात आय।
देवेंद्र यादव आरोप लगावत कहिन के पेपर लीक करके कुछ खास छात्र मन ला फायदा पहुंचाए के कोशिश करे गे हवय। अगर ए बात सच आय त ए बहुत बड़ा घोटाला साबित हो सकथे। एखर ले उन छात्र मन के मेहनत के अनादर होथे जेन मन साल भर मेहनत करके परीक्षा देथें।
कांग्रेस विधायक के कहना हवय के अभी जेन जानकारी सामने आइस हवय, ओमा सिरिफ हिंदी विषय के बात नइ आय। कई जगह ले ए बात घलो सामने आथें के दूसर विषय के पेपर लीक होए के आशंका घलो जताए जावत हवय। ए स्थिति म पूरा मामला के गंभीरता ले जांच होए जरूरी आय।
देवेंद्र यादव कहिन के अगर बोर्ड परीक्षा के पेपर सच म परीक्षा के पहले बाहर आ गे रहिस त ए मामला म तुरंत एफआईआर दर्ज होना चाही। पुलिस जांच कर के पता लगाए के जरूरत हवय के आखिर ए काम कोन मन करे हवय अउ एखर पीछे काकर हाथ हवय।
विधायक कहिन के ए मामला म निष्पक्ष जांच होए बर चाही ताकि सच्चाई सामने आ सके। जेन भी अधिकारी, कर्मचारी या बाहरी व्यक्ति दोषी पाय जाही, ओकर खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई होए चाही। संगही पूरा जांच के रिपोर्ट जनता के सामने लाना चाही ताकि छात्र-छात्रा अउ पालक मन के भरोसा बरकरार रहय।
कांग्रेस पक्ष के कहना हवय के बोर्ड परीक्षा बहुत महत्वपूर्ण होथे। 12वीं के परीक्षा के आधार म छात्र मन कॉलेज म दाखिला, करियर अउ भविष्य के दिशा तय करथें। ए कारण ले परीक्षा प्रक्रिया म पारदर्शिता अउ सुरक्षा बहुत जरूरी आय।
इही बीच ए मामला ऊपर छत्तीसगढ़ के स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव घलो अपन पक्ष रखिन। मंत्री कहिन के प्रदेश म कहीं घलो 12वीं बोर्ड के पेपर लीक नइ होए हवय। अभी जेन बात सामने आइस हवय ओमा एक छात्र संगठन द्वारा आधी रात म कुछ प्रश्न जानबूझकर व्हाट्सएप ग्रुप म वायरल करे गे हवय।
मंत्री के मुताबिक, सोशल मीडिया म वायरल होए कुछ प्रश्न ला देखके ए अफवाह फैल गीस के पेपर लीक हो गे हवय। फेर अभी तक के जांच म ए बात के पुष्टि नइ होए हवय के असली प्रश्न पत्र परीक्षा के पहले बाहर आय रहिस।
स्कूल शिक्षा मंत्री कहिन के मामला ला हल्का मं नइ ले जावत हवय। सरकार ए विषय म गंभीर हवय। ए कारण ले माध्यमिक शिक्षा मंडल ला पूरा मामला के जांच करे बर निर्देश दे दिए गे हवय।
मंत्री बताइन के जांच के दौरान देखे जाही के वायरल होए प्रश्न सच म असली प्रश्न पत्र ले मेल खाथे या नइ। अगर जांच म ए साबित हो जाही के पेपर लीक होए हवय या कोई व्यक्ति ए अफवाह फैलाय म शामिल हवय, त ओकर खिलाफ सख्त कार्रवाई करे जाही।
सरकार के कहना हवय के बोर्ड परीक्षा के गोपनीयता बनाय रखे बर हर साल कई तरह के सुरक्षा इंतजाम करे जाथे। प्रश्न पत्र छपाई ले लेके परीक्षा केंद्र तक पहुंचाए के पूरा प्रक्रिया गोपनीय रखे जाथे।
फिलहाल ए मामला सामने आए के बाद छात्र-छात्रा अउ पालक मन म घलो चिंता के माहौल बन गे हवय। कई छात्र मन के कहना हवय के अगर पेपर सच मं लीक होथे त ए निष्पक्ष परीक्षा व्यवस्था बर ठीक बात नइ आय।
दूसर तरफ कुछ शिक्षा विशेषज्ञ मन कहत हवय के सोशल मीडिया के दौर म कई बार फर्जी प्रश्न पत्र घलो वायरल हो जाथे, जेन ले भ्रम के स्थिति बन जाथे। ए कारण ले बिना जांच पूरा होए कोई निष्कर्ष म पहुंचना ठीक नइ होही।
फिलहाल पूरा मामला के जांच छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल के स्तर म चलत हवय। जांच रिपोर्ट सामने आए के बादेच साफ हो पाही के मामला म सच्चाई का हवय।
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