गांव-गांव म उठत हे बड़े सवाल, का होही निष्पक्ष जांच या दब जाही मामला?

रायगढ़/छत्तीसगढ़:
छत्तीसगढ़ म अब नशा के कारोबार ला लेके सियासत गरमा गे हवय। दुर्ग अऊ बलरामपुर के बाद अब रायगढ़ जिला के तमनार इलाका म अफीम के अवैध खेती के मामला सामने आए हवय। ए मामला अब सिरिफ कानून-व्यवस्था तक सीमित नइ रहिस, बल्कि राजनीतिक बहस के बड़ा मुद्दा बन गे हवय।

प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ए मामला म भाजपा सरकार ऊपर सीधा हमला करत गंभीर आरोप लगाय हवंय। उंकर कहना हवय कि भाजपा राज म अवैध गतिविधि मन ला खुला छूट मिलत हवय, खास करके नशा के कारोबार तेजी ले बढ़त हवय। बघेल के मुताबिक, ए सब कुछ बिना संरक्षण के संभव नइ हो सकय।

बघेल कहिन कि तमनार म जऊन अफीम के खेती पकड़ाय हवय, वो सिरिफ एक उदाहरण आय। असलियत एही हवय कि धीरे-धीरे पूरा प्रदेश म नशा के जाल फैलत जात हवय। उंकर आरोप हवय कि सरकार के लापरवाही अऊ मिलीभगत के चलते युवा पीढ़ी नशा के दलदल म फंसत जात हवय।

इही बीच बघेल एक अऊ बड़ा दावा करत कहिन कि ओला अपुष्ट जानकारी मिलिस हवय कि धमतरी जिला के नगरी-सिहावा क्षेत्र म घलो बड़े पैमाना म अफीम के खेती होवत रहिस। उंकर मुताबिक, एक भाजपा नेता के बड़े फार्महाउस म करीब 20 एकड़ जमीन म अफीम उगाय जावत रहिस। मामला उठते ही कथित रूप से बुलडोजर चलाके फसल ला नष्ट कर दे गीस।

बघेल के आरोप हवय कि ए कार्रवाई सच्चाई छुपाय बर करे गीस, ताकि मामला सार्वजनिक रूप ले बाहर नइ आ सकय। उंकर कहना हवय कि अगर निष्पक्ष जांच होही, त बड़े खुलासा हो सकत हवय अऊ कई बड़े नाम सामने आ सकथें।

ए मामला म बघेल भाजपा ऊपर हमला करत कहिन कि प्रदेश ला नशा के ओर धकेले के कोशिश होवत हवय। उंकर साफ चेतावनी हवय कि अगर समय रहते ए अवैध गतिविधि ला रोके नइ गीस, त आने वाला समय म छत्तीसगढ़ के हालात गंभीर हो सकत हवय।

दूसरी ओर, मामला सामने आए के बाद प्रशासन हरकत म आ गे हवय। पुलिस अऊ संबंधित विभाग जांच के बात कहत हवंय, फेर अब तक ठोस कार्रवाई के स्पष्ट जानकारी सामने नइ आय हवय। जनता म ए विषय ला लेके नाराजगी देखे ला मिलत हवय।

गांव-गांव म लोग मन सवाल उठावत हवंय कि आखिर एतका बड़े पैमाना म अफीम के खेती कइसे होवत रहिस अऊ प्रशासन ला भनक तक काबर नइ लगिस? का ए सब कोनो बड़े संरक्षण म होवत रहिस?

विशेषज्ञ मन के माने त, अगर समय रहते ए अवैध खेती ला रोके नइ गीस, त ये सिरिफ कानून-व्यवस्था के समस्या नइ, बल्कि समाज अऊ युवा पीढ़ी बर बड़ा खतरा बन सकत हवय।

अब देखे वाली बात ये हवय कि सरकार ए गंभीर आरोप मन ला कइसे लेथे अऊ का वाकई म निष्पक्ष जांच होही, या फेर ए मामला घलो समय के साथ दब जाही। फिलहाल, छत्तीसगढ़ म अफीम के खेती के मुद्दा एक बड़ा राजनीतिक अऊ सामाजिक बहस बन गे हवय।

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