रायपुर. राजधानी के कबीर नगर थाना क्षेत्र से मानवता को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। दुष्कर्म और POCSO एक्ट से जुड़े एक गंभीर प्रकरण में लापरवाही और आरोपित से मिलीभगत के आरोप में महिला प्रधान आरक्षक चन्द्रकला साहू को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।

जांच में सामने आई गंभीर लापरवाही

विभागीय जांच में यह पाया गया कि विवेचना अधिकारी के रूप में तैनात चन्द्रकला साहू का व्यवहार संदिग्ध था। उन पर आरोप है कि उन्होंने अपने पद का दुरुपयोग किया और आरोपित के साथ अनुचित संबंध बनाए। जांच के दौरान साक्ष्यों के साथ छेड़छाड़ और मामले को कमजोर करने की शिकायतें भी सामने आईं।

पीड़िता पर बयान बदलने का दबाव

पीड़िता ने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को दी शिकायत में बताया कि प्रधान आरक्षक उसे धमकाकर आरोपित के पक्ष में बयान बदलने का दबाव बना रही थी। इस दबाव में आकर पीड़िता ने एक बार अपना बयान बदल भी दिया था। बाद में परिजनों को जानकारी मिलने पर उन्होंने उच्च अधिकारियों से शिकायत की।

डीसीपी ने की सख्त कार्रवाई

मामले की गंभीरता को देखते हुए डिप्टी पुलिस कमिश्नर (पश्चिम क्षेत्र) संदीप पटेल के निर्देश पर जांच कराई गई। प्रारंभिक जांच में आरोप सही पाए जाने के बाद महिला प्रधान आरक्षक को निलंबित कर दिया गया।

पुलिस प्रशासन ने साफ कहा है कि संवेदनशील मामलों में लापरवाही या आरोपितों को संरक्षण देने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी और किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।

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