रायगढ़ |
रायगढ़ जिला सहित पूरे छत्तीसगढ़ म जमीन विवाद के मामला दिन-ब-दिन बढ़त जात हवय। निजी जमीन ऊपर कब्जा, सरकारी जमीन के अवैध खरीद-बिक्री, फर्जी कागज बना के जमीन हड़पना l ए सब अब आम बात होगे हवय। रोजाना कोर्ट म एसे मामला दाखिल होवत हें, जेन ले साफ दिखत हवय के समस्या गहरात जात हवय।
गांव-शहर दूनो जगह ले शिकायत आथें के कुछ लोगन बेखौफ होके दूसर के जमीन ऊपर कब्जा करत हें। कई मामला म राजस्व विभाग के मैदानी अमला ऊपर घलो सवाल उठत हें, जिहां मिलीभगत के आरोप लगत हें। ए स्थिति म आम आदमी अपन हक बर दर-दर भटकत दिखत हवय।
नवा कानून ले बढ़िस पुलिस के भूमिका
देश म लागू होए नवा कानून भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 अऊ भारतीय न्याय संहिता 2023 के बाद पुलिस ला कुछ मामला म ज्यादा अधिकार मिलिस हवय। खासकर जिहां फर्जी दस्तावेज, धोखाधड़ी या जबरन कब्जा के मामला होथे, उहां पुलिस सीधे कार्रवाई कर सकथे।
कानूनी जानकार मन के कहना हवय के अब एसे मामला ला सिरिफ “दीवानी विवाद” कहिके टालना सही नई होही। अगर अपराध के तत्व दिखथे, त पुलिस ला आगे बढ़के कार्रवाई करना चाही।
जमीनी हकीकत—पुराना तरीका अब घलो जारी
फेर जमीनी स्तर म अब घलो कई जगह पुलिस पुराना तरीका अपनावत दिखत हवय। शिकायत मिलते ही “ये सिविल मामला आय” कहिके पीड़ित ला कोर्ट जाए के सलाह दे दी जाथे। एसे म पीड़ित पक्ष सालों तक न्याय के इंतजार म फंस जाथे।
लोगन के कहना हवय के अपराधी मन ला ए बात के भरोसा रहिथे के मामला कोर्ट म लंबा चलही, त ओमन निडर होके कब्जा करत हें। ए स्थिति म पीड़ित या त समझौता कर लेथे या नुकसान सह लेथे।
जरूरत—सख्त कार्रवाई अऊ समन्वय के
विशेषज्ञ मन के मानना हवय के अगर पुलिस एक-दू ठोस कार्रवाई कर दे, त एसे मामला म लगे लोगन म डर बने सकथे। जइसे अवैध शराब, जुआ-सट्टा या कबाड़ म सख्ती देखे गीस, वैसेच जमीन कब्जा म घलो असर दिख सकथे।
ए खातिर पुलिस, राजस्व विभाग अऊ प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय जरूरी बताय जात हवय। बिना मिलजुल के काम करे, ए समस्या के जड़ तक पहुंचना मुश्किल होही।
व्यापारिक संस्था के सुझाव
कुछ महीना पहिली रायगढ़ के प्रदेश चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज एसोसिएशन घलो मुख्यमंत्री ला चिट्ठी लिखके ए मामला म अलग टीम बनाय के मांग करे रहिस। ए टीम म पुलिस, राजस्व अधिकारी अऊ कानूनी विशेषज्ञ मन ला जोड़के त्वरित कार्रवाई के बात कही गीस रहिस। फेर अब तक ए दिशा म ठोस कदम नई उठाय गे हवय।
संतुलन के जरूरत
ए बात घलो सही हवय के हर जमीन विवाद म पुलिस के दखल जरूरी नई होथे। जिहां सिरिफ मालिकाना या सीमांकन के मामला होथे, उहां कोर्ट के भूमिका बने रहिथे। फेर जिहां फर्जीवाड़ा अऊ जबरन कब्जा होथे, उहां पुलिस के सक्रिय भूमिका जरूरी हवय।
रायगढ़ सहित छत्तीसगढ़ म जमीन विवाद अब गंभीर समस्या बन गे हवय। नवा कानून ले उम्मीद जरूर जागे हवय, फेर असली परीक्षा जमीनी अमल म हवय। अब देखना ये हवय के पुलिस अऊ प्रशासन अपन अधिकार के सही उपयोग करके जनता ला राहत देथे, या फेर पुराना ढर्रा म चलत रहिथे।

