आरंग। नगर पालिका क्षेत्र के वार्ड क्रमांक 16 (बैहार) में बुनियादी सुविधाओं की कमी को लेकर रहवासी लगातार परेशान हैं। यहां 2014-15 में फोरलेन निर्माण के कारण बेघर हुए परिवारों को पंचायत द्वारा बसाया गया था। उस समय उम्मीद थी कि नई जगह पर मूलभूत सुविधाएं मिलेंगी, लेकिन एक दशक बीतने के बाद भी हालात नहीं बदले हैं।
वार्ड में आज तक पक्की सड़क और नाली व्यवस्था नहीं बन पाई है। बारिश के मौसम में हालात और खराब हो जाते हैं। जगह-जगह पानी भर जाता है, जिससे लोगों को आने-जाने में दिक्कत होती है। गंदगी और जलभराव के कारण बीमारियों का खतरा भी बना रहता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि बच्चों का स्कूल जाना और बुजुर्गों का घर से निकलना तक मुश्किल हो जाता है।
2022-23 में नगर पालिका में शामिल, फिर भी सुविधाएं नहीं
रहवासियों के अनुसार, वर्ष 2022-23 में इस क्षेत्र को नगर पालिका आरंग के अंतर्गत शामिल किया गया। इसके बाद से यहां के नागरिकों से नियमित रूप से टैक्स वसूला जा रहा है। अनुमानित तौर पर हर साल 20 लाख रुपये से अधिक की राशि इस वार्ड से टैक्स के रूप में जमा होती है। इसके बावजूद अब तक सड़क और नाली जैसी मूलभूत सुविधाएं विकसित नहीं की गई हैं।
लोगों का सवाल: टैक्स जा कहां रहा है?
स्थानीय निवासियों का कहना है कि उन्होंने कई बार जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों को समस्या से अवगत कराया, लेकिन समाधान नहीं हुआ। उनका कहना है कि जब नगर पालिका टैक्स वसूल रही है, तो बदले में बुनियादी सुविधाएं भी मिलनी चाहिए। लोगों ने सवाल उठाया है कि वर्षों से वसूले जा रहे टैक्स का उपयोग किस कार्य में किया जा रहा है।
जलभराव और कीचड़ से बढ़ी परेशानी
बरसात के दौरान नाली व्यवस्था नहीं होने के कारण पानी सड़कों और घरों के आसपास जमा हो जाता है। कई जगहों पर कीचड़ की स्थिति बनी रहती है, जिससे आवागमन प्रभावित होता है। स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं की आशंका भी बढ़ जाती है। रहवासियों का कहना है कि वे लंबे समय से इस समस्या से जूझ रहे हैं, लेकिन अब तक स्थायी समाधान नहीं मिला।
प्रशासन से कार्रवाई की मांग
वार्ड के लोगों ने नगर पालिका प्रशासन से जल्द से जल्द सड़क और नाली निर्माण कराने की मांग की है। उनका कहना है कि बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की जिम्मेदारी है और इसमें देरी से आम नागरिकों को ही परेशानी उठानी पड़ रही है।
अब देखना होगा कि नगर पालिका इस मुद्दे पर कब तक ठोस कदम उठाती है और वार्ड 16 के लोगों को बुनियादी सुविधाएं मिल पाती हैं या नहीं।


