रायपुर जिला के खरोरा लगे गाँव—असौंदा, केवतरा, सेजा अऊ नकटी—आज कोयला माफिया मन के गिरफ्त म जकड़ाय दिखत हवंय। जिहाँ एक बखत खेती-किसानी अऊ सादा जिनगी के पहचान रहिस, ओही धरती म अब काला धंधा के साया छा गे हवय। गँवई मनखे मन के आरोप हवय के इहाँ बड़े पैमाना म कोयला के अवैध उत्खनन अऊ बेपार बरसों ले चलत हवय, फेर जिम्मेदार प्रशासन चुप्पी साध के बइठे हवय।

गाँव के लोगन के कहना हवय के दिन-दुपहरिया म ट्रक अऊ ट्रैक्टर मन भर-भर के कोयला लादके निकलत हवंय। रतिहा म घलो ए धंधा बिना डर-भय के जारी रहिथे। कोनो रोक-टोक नई, कोनो जांच नई, जइसे कानून नाम के कोनो चीजे नई बचे हवय। ए सब खुलेआम होवत हवय, फेर पुलिस अऊ प्रशासन के नजर काबर नई पड़त हवय, ए सवाल अब हर गँवई मनखे के मन म उठत हवय।

गँवई मनखे मन के आरोप हवय के ए अवैध कारोबार ले सरकार ला भारी राजस्व के नुकसान होवत हवय। जऊन कोयला सरकारी नियम के तहत बेचे जाथे, ओला चोरी-छुपे निकाल के माफिया मन मोटा मुनाफा कमा थें। ए रकम लाखों-करोड़ों म हो सकत हवय, फेर सरकार के खजाना खाली रहिथे। आखिर ए नुकसान के जिम्मेदार कोन? अऊ काबर अब तक कोनो ठोस कारवाही नई होय?

सूत्र मन ले मिले जानकारी ह अउ घलो गंभीर बात ला उजागर करत हवय। कहे जावत हवय के एक गाँव के सरपंच, जऊन ला जनता अपन भरोसा देके चुने रहिस, ओही अब ए काला खेल म लम्बा समय ले शामिल हवय। जऊन मनखे गाँव के विकास अऊ सुरक्षा के जिम्मेदारी उठाथे, ओही अगर माफिया मन संग हाथ मिलाही, त आम जनता काकर भरोसा करही? ए सवाल अब गँवई मनखे मन के दिल-दिमाग ला झकझोर दे हवय।

गाँव के लोगन कहिथें के जऊन मन ए अवैध धंधा के विरोध करथें, ओमन ला डराय-धमकाय जाथे। कई मनखे मन डर के मारे चुप बइठे हवंय। ए माहौल म न्याय के आवाज उठाना घलो खतरा बन गे हवय। माफिया मन के हौसला एतका बढ़ गे हवय के ओमन अब कानून अऊ प्रशासन के परवाह तक नई करत हवंय। ए पूरा मामला म प्रशासन के भूमिका ऊपर घलो बड़े सवाल उठत हवंय।

गँवई मनखे मन पूछत हवंय का प्रशासन ला ए सब नई दिखत हवय? या फेर जान-बूझ के आंखी बंद कर ले हवय? अगर सब कुछ जानकारी म हवय, त कारवाही काबर नई होवत हवय? ए चुप्पी कई संदेह ला जनम देत हवय। ए मामला अब राजनीति के रंग घलो ले ले हवय। जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी ए मुद्दा ला लेके अब खुलके मैदान म उतर गे हवय। पार्टी के पदाधिकारी मन साफ-साफ चेतावनी दे हवंय के अगर जल्द ले जल्द कोयला माफिया मन ऊपर कड़ा कारवाही नई होही, त ओमन तहसील अऊ थाना स्तर म घेराव करही, ज्ञापन देही अऊ उग्र आंदोलन शुरू करही। पार्टी के कहना हवय के प्रशासन के सुस्ती अऊ कथित मिलीभगत ले माफिया मन के हौसला दिन-ब-दिन बढ़त जावत हवय। अब ये स्थिति बर्दाश्त के बाहर हो गे हवय।

अगर समय रहते कार्रवाई नई होही, त जनता खुद सड़का म उतरके न्याय के लड़ई लड़ही। गाँव के कई मनखे मन अब खुलके कहत हवंय के अगर ए अवैध धंधा ऊपर लगाम नई कसिस, त आने वाला समय म ए इलाका म कानून-व्यवस्था पूरी तरह बिगड़ सकत हवय। कोयला के ए काला खेल सिरिफ आर्थिक नुकसान नई, बल्कि समाज म डर, भ्रष्टाचार अऊ अराजकता के माहौल बना देथे।

ए मामला सिरिफ एक-दू गाँव तक सीमित नई रहि सकय। अगर समय रहते एकर ऊपर रोक नई लगाय गीस, त ए पूरा क्षेत्र म फैल सकत हवय। आज असौंदा, केवतरा, सेजा अऊ नकटी म जऊन होवत हवय, वो कल दूसर गाँव म घलो देखे ला मिल सकत हवय। अब जरूरत हवय कड़ा अऊ निष्पक्ष कार्रवाई के। दोषी चाहे जऊन होवय माफिया, सरपंच या कोनो अधिकारी। सब ऊपर एक समान कानून के डंडा चलना चाही। जनता अब जवाब चाहत हवय, अऊ चुप्पी अब बर्दाश्त नई करही।

अब सबले बड़ा सवाल ये हवय—का प्रशासन जागही, या माफिया मन के राज अइसेच चलत रहिही?

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *