Raipur. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट 2026 पेश कर दिया, लेकिन इनकम टैक्स को लेकर आम लोगों की उम्मीदों पर पानी फिर गया। सरकार ने नए और पुराने—दोनों टैक्स सिस्टम में कोई बदलाव नहीं किया। यानी जो टैक्स दरें पहले थीं, वही अब भी लागू रहेंगी।
हालांकि, टैक्स स्लैब में बदलाव नहीं हुआ, लेकिन डायरेक्ट टैक्स से जुड़ी दो अहम राहतें जरूर दी गई हैं।

बजट की 2 बड़ी घोषणाएं

1. रिवाइज्ड ITR भरने की आखिरी तारीख बढ़ी

अब 31 दिसंबर की जगह 31 मार्च तक रिवाइज्ड रिटर्न फाइल कर सकेंगे।

2. कुछ मामलों में TDS और TCS की दरें घटीं
   इससे कारोबारियों और टैक्सपेयर्स को थोड़ी राहत मिलेगी।

नया टैक्स सिस्टम (FY 2026-27)

₹4 लाख तक– कोई टैक्स नहीं
₹4 से 8 लाख – 5%
₹8 से 12 लाख – 10%
₹12 से 16 लाख – 15%
₹16 से 20 लाख– 20%
₹20 से 24 लाख– 25%
₹24 लाख से ऊपर – 30%

₹12 लाख तक की इनकम पर सेक्शन 87A के तहत पूरा टैक्स माफ रहेगा।

पुराना टैक्स सिस्टम (FY 2026-27)

पुराने सिस्टम में 80C, 80D, होम लोन ब्याज जैसे डिडक्शन मिलते हैं, इसलिए आज भी कई लोग इसे पसंद करते हैं।

₹2.5 लाख तक – टैक्स नहीं
₹2.5 से 5 लाख – 5%
₹5 से 10 लाख – 20%
₹10 लाख से ऊपर – 30%

क्या पुराना टैक्स सिस्टम खत्म होगा?

बजट से पहले अटकलें थीं कि सरकार पुराने टैक्स सिस्टम को धीरे-धीरे खत्म कर सकती है, लेकिन इस बजट में ऐसी कोई घोषणा नहीं हुई। सरकार का कहना है कि अगर बदलाव होंगे तो वे चरणबद्ध तरीके से किए जाएंगे।

सीधी बात
टैक्स स्लैब में कोई राहत नहीं, तारीख बढ़ाकर और TDS-TCS घटाकर हल्की राहत, पुराना टैक्स सिस्टम फिलहाल सुरक्षित, आम टैक्सपेयर्स के लिए बजट 2026—न मीठा, न कड़वा… बस फीका।

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