CKS-JCP के आंदोलन के बाद कंपनी झुकी, कान्हेरा के पीड़ित परिवार ल आखिर मिलिस न्याय
रायपुर/उरला।
उरला औद्योगिक क्षेत्र के RR इस्पात संयंत्र म होय दर्दनाक हादसा अब पूरा छत्तीसगढ़ म चर्चा के विषय बन गे हे। कान्हेरा गांव के मजदूर के मौत के बाद परिवार ऊपर दुख के पहाड़ टूट गे रहिस। लेकिन अब लगातार आंदोलन, धरना अउ दबाव के बाद मृतक परिवार ल बड़ी राहत मिलिस हे।
छत्तीसगढ़िया क्रान्ति सेना (CKS) अउ जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी (JCP) के संघर्ष आखिरकार सफल होगे हे। संगठन के दबाव के बाद कंपनी प्रबंधन ल झुकना परिस अउ मृतक परिवार बर 30 लाख रूपिया मुआवजा, पेंशन सुविधा, बच्चा मन के पढ़ाई के जिम्मेदारी अउ परिवार के एक सदस्य ल नौकरी देय के सहमति बन गे हे।
हादसा के बाद भड़क उठे रहिस आक्रोश
बताय जा रहे हे कि RR इस्पात संयंत्र म काम के दौरान गंभीर दुर्घटना होय रहिस, जेमे कान्हेरा निवासी मजदूर के मौत होगे रहिस। घटना के बाद परिवार के लोगन म भारी आक्रोश देखे गीस। गांव वाले अउ संगठन के कार्यकर्ता मन कंपनी प्रबंधन ऊपर लापरवाही के आरोप लगावत रहेन।
मृतक परिवार के कहना रहिस कि मजदूर मन के सुरक्षा के नाम ऊपर कंपनी मन सिर्फ खानापूर्ति करत हें। फैक्ट्री अंदर सुरक्षा इंतजाम कमजोर रहिथे अउ हादसा होय के बाद जिम्मेदारी ले बचना चाहथें।
यही बात ल लेके छत्तीसगढ़िया क्रान्ति सेना अउ जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी मैदान म उतरिस। संगठन के पदाधिकारी मन लगातार उरला क्षेत्र म प्रदर्शन, ज्ञापन अउ प्रशासनिक दबाव बनावत रहिन।
कई दिन तक चले आंदोलन के बाद बनिस सहमति
जानकारी अनुसार संगठन के प्रतिनिधि मन प्रशासन अउ कंपनी प्रबंधन संग कई दौर के चर्चा करिन। कई दिन तक चले तनातनी के बाद आखिरकार कंपनी प्रबंधन मृतक परिवार बर राहत पैकेज देय बर तैयार होगे।
समझौता अनुसार मृतक के परिवार ल:
- 30 लाख रूपिया मुआवजा
- परिवार बर पेंशन सुविधा
- बच्चा मन के पढ़ाई के पूरा जिम्मा
- परिवार के एक सदस्य ल नौकरी
देय जाही।
इही घोषणा के बाद परिवार के लोगन म कुछ राहत देखे गीस। गांव वाले मन घलो कहिन कि संघर्ष के बिना गरीब मजदूर परिवार ल न्याय मिलना मुश्किल रहिथे।
“छत्तीसगढ़िया मजदूर के हक बर लड़ई जारी रही”
CKS अउ JCP के पदाधिकारी मन साफ कहिन कि छत्तीसगढ़िया मजदूर मन के हक-अधिकार बर संगठन के लड़ई आगे घलो जारी रही।
संगठन के कार्यकर्ता मन कहिन कि औद्योगिक क्षेत्र म रोज हजारों मजदूर काम करथें, फेर सुरक्षा के नाम ऊपर भारी लापरवाही देखे जाथे। मजदूर मन के जान के कीमत सिर्फ कागज तक सीमित नई रहना चाही।
उनकर कहना रहिस कि अगर समय रहते सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होही, त ए तरह के दर्दनाक हादसा रोके जा सकथे।

ग्रामीण मन कहिन – “संघर्ष नई होतिस त न्याय नई मिलतिस”
कान्हेरा गांव म घटना के बाद भारी गुस्सा रहिस। ग्रामीण मन के कहना हे कि अगर संगठन मन आवाज नई उठातिस, त मामला धीरे-धीरे दब जाथे।
गांव के बुजुर्ग मन कहिन कि गरीब मजदूर के मौत के बाद अक्सर परिवार ल दर-दर भटकना पड़थे, फेर ए मामला म लगातार दबाव बने रहिस, एकर से कंपनी ल फैसला लेना परिस।
औद्योगिक क्षेत्र म सुरक्षा ऊपर उठे सवाल
ए घटना के बाद उरला औद्योगिक क्षेत्र म काम करे वाले मजदूर मन के सुरक्षा ऊपर बड़े सवाल खड़े होगे हें। मजदूर संगठन मन कहत हें कि फैक्ट्री मन म सुरक्षा मानक के कड़ाई से पालन जरूरी हे।
कई मजदूर मन आरोप लगावत हें कि कई संयंत्र म सुरक्षा उपकरण के कमी, ट्रेनिंग के अभाव अउ दबाव म काम करवाय जाथे। ए स्थिति म दुर्घटना के खतरा लगातार बने रहिथे।
सोशल मीडिया म घलो चर्चा तेज
ए पूरा मामला सोशल मीडिया म घलो जमके वायरल होवत हे। लोगन संगठन के संघर्ष के तारीफ करत हें अउ कहत हें कि मजदूर परिवार बर न्याय मिलना जरूरी रहिस।
कई यूजर मन लिखिन –
“गरीब के आवाज दबे नई, लड़ई करे से न्याय मिलथे।”
वहीं कुछ लोगन औद्योगिक कंपनियों ऊपर कड़ा नियम लागू करे के मांग करथें।
“अन्याय के खिलाफ हमेशा खड़े रही” – संगठन
CKS अउ JCP के कार्यकर्ता मन आखिर म कहिन कि छत्तीसगढ़िया समाज ऊपर होवत अन्याय के खिलाफ संगठन हमेशा मजबूती से खड़े रही।
उनकर कहना रहिस कि मजदूर, किसान अउ आम जनता के अधिकार बर लड़ई जारी रही अउ पीड़ित परिवार मन ल न्याय दिलाय बर हर स्तर म संघर्ष करे जाही।

