तेहरान |
मध्य-पूर्व में जारी तनाव के बीच ईरान के सबसे महत्वपूर्ण परमाणु केंद्र नतांज परमाणु केंद्र पर एक बार फिर बड़ा हमला हुआ है। इस हमले ने वैश्विक स्तर पर चिंता बढ़ा दी है। ईरान की सरकारी एजेंसी मिजान न्यूज एजेंसी के मुताबिक, अमेरिका और इजरायल ने मिलकर इस केंद्र पर जबरदस्त बमबारी की है।

विकिरण रिसाव से किया इनकार
हमले के बाद सबसे बड़ी चिंता विकिरण रिसाव को लेकर थी, लेकिन ईरान ने साफ किया है कि किसी भी प्रकार का रेडियोलॉजिकल खतरा नहीं है। अधिकारियों के अनुसार, आसपास रहने वाले लोग पूरी तरह सुरक्षित हैं और परमाणु कचरे के फैलने जैसी कोई स्थिति नहीं बनी है।

तनाव के बीच हमला
यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब अमेरिका की ओर से युद्ध कम करने के संकेत दिए जा रहे थे। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में कहा था कि वे क्षेत्र में सैन्य अभियानों को घटाने पर विचार कर रहे हैं। इसके बावजूद अमेरिका ने अतिरिक्त सैन्य ताकत तैनात की है, जिसमें उभयचर हमलावर जहाज और करीब 2,500 मरीन सैनिक शामिल हैं।

धमकियों के बीच बढ़ी आशंका
ट्रंप की यह टिप्पणी उस समय आई जब ईरान की ओर से वैश्विक स्तर पर मनोरंजन और पर्यटन स्थलों को निशाना बनाने की धमकी दी गई थी। इससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सुरक्षा एजेंसियों की चिंता और बढ़ गई है।

पहले भी बन चुका है निशाना
नतांज परमाणु केंद्र पहले भी कई बार हमलों का शिकार हो चुका है। युद्ध के शुरुआती दौर में हुए हमले में उपग्रह तस्वीरों में कई इमारतों को नुकसान दिखा था। उस समय संयुक्त राष्ट्र की परमाणु निगरानी संस्था ने भी पुष्टि की थी कि किसी प्रकार का रेडियोलॉजिकल असर नहीं हुआ था।

रणनीतिक रूप से अहम ठिकाना
तेहरान से लगभग 220 किलोमीटर दक्षिण-पूर्व में स्थित यह परमाणु केंद्र ईरान के परमाणु कार्यक्रम का प्रमुख हिस्सा है। अतीत के संघर्षों में भी यह बार-बार निशाने पर रहा है, जिसमें 2025 में अमेरिका द्वारा किया गया हमला भी शामिल है।

बढ़ती वैश्विक चिंता
लगातार हो रहे हमलों और जवाबी आरोपों के बीच मध्य-पूर्व में हालात और तनावपूर्ण होते जा रहे हैं। अब नजर इस बात पर है कि क्या यह टकराव और बढ़ेगा या कूटनीतिक प्रयासों से हालात को संभाला जा सकेगा।

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