तिल्दा-नेवरा। ग्राम बहेसर और बरतोरी के ग्रामीणों की शिकायत के बाद सोमवार को पर्यावरण विभाग की टीम शौर्य इस्पात प्लांट और आसपास के इलाकों का निरीक्षण करने पहुंची। ग्रामीणों का आरोप है कि प्लांट की सामग्री और कचरा निजी व सरकारी जमीनों पर डाला जा रहा है, जिससे इलाके में प्रदूषण बढ़ रहा है।
निरीक्षण के दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। उन्होंने अधिकारियों को बताया कि डंपिंग की वजह से लगातार धूल उड़ रही है। इससे लोगों को सांस लेने में परेशानी हो रही है और खेतों में खड़ी फसलों पर भी असर पड़ रहा है।

ग्रामीणों ने मांग की कि सरकारी और निजी जमीनों पर किए गए डंपिंग की जांच की जाए और यह देखा जाए कि यह काम नियमों के अनुसार हो रहा है या नहीं। पर्यावरण विभाग की टीम ने मौके का निरीक्षण किया, लोगों की शिकायतें सुनीं और जरूरी जानकारी जुटाई।
अधिकारियों ने कहा कि शिकायतों की जांच की जा रही है। यदि नियमों का उल्लंघन पाया गया तो संबंधित उद्योग को नोटिस जारी कर कार्रवाई की जाएगी।ग्रामीणों का कहना है कि उनका मकसद किसी उद्योग का विरोध करना नहीं है। वे सिर्फ चाहते हैं कि गांव में प्रदूषण न फैले, लोगों का स्वास्थ्य सुरक्षित रहे और पर्यावरण संबंधी नियमों का पालन हो। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जांच के बाद भी उचित कार्रवाई नहीं हुई तो वे शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन करेंगे।


