अनशन से समाधान तक! पत्नी ने नेताओं के सामने रखी शर्त, संसद में चर्चा का मिला भरोसा तो खत्म होगा आंदोलन

नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही की मांग को लेकर जारी अनशन अब नए मोड़ पर पहुंच गया है। अनशनकारी सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि ने साफ कहा है कि अगर सभी राजनीतिक दलों के नेता अस्पताल जाकर वांगचुक से मिलें और भरोसा दें कि संसद में इस मुद्दे पर गंभीर चर्चा होगी, तो वे अपना अनशन समाप्त करने को तैयार हैं।

उनका कहना है कि मकसद सिर्फ विरोध करना नहीं, बल्कि शिक्षा व्यवस्था से जुड़े अहम सवालों पर देशभर में गंभीर बहस शुरू कराना है। यदि जनप्रतिनिधि इस विषय को संसद तक ले जाने का वादा करते हैं, तो आंदोलन का उद्देश्य पूरा माना जाएगा।

इस बीच दिल्ली हाईकोर्ट में भी मामले की सुनवाई हुई। अदालत ने कहा कि वांगचुक को स्वास्थ्य खराब होने और पहले दिए गए आदेशों के आधार पर सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। अदालत ने फिलहाल इस कार्रवाई को मनमाना मानने से इनकार किया और केंद्र सरकार, दिल्ली सरकार तथा पुलिस से तीन दिन के भीतर जवाब मांगा है।वहीं, वांगचुक की पत्नी ने उन्हें सरकारी अस्पताल से निजी अस्पताल में शिफ्ट करने की मांग भी की है। मामले की अगली सुनवाई 23 जुलाई को होगी।

फिलहाल सफदरजंग अस्पताल में भर्ती होने के बावजूद सोनम वांगचुक का भूख हड़ताल जारी है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि क्या नेताओं की पहल और संसद में चर्चा का भरोसा इस आंदोलन का अंत कर पाएगा।

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