बिलासपुर हाईकोर्ट में तीन नए जजों ने ली शपथ, न्यायाधीशों की संख्या बढ़कर हुई 13

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में आज एक महत्वपूर्ण शपथ ग्रहण समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें तीन नए न्यायाधीशों ने अपने पद की शपथ ली। जस्टिस संतोष शर्मा, जस्टिस सुषमा सावंत और जस्टिस सुधीर कुमार को छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट का न्यायाधीश नियुक्त किया गया है, और आज उन्होंने विधिवत रूप से अपना पदभार संभाल लिया। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट

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हाईकोर्ट चीफ जस्टिस ने दिलाई शपथ

हाईकोर्ट परिसर में आयोजित इस समारोह में छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस कृष्ण राम महापात्रा ने तीनों नवनियुक्त न्यायाधीशों को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। शपथ ग्रहण की प्रक्रिया परंपरागत रीति-रिवाजों के अनुसार संपन्न हुई, जिसमें प्रत्येक न्यायाधीश ने संविधान के प्रति निष्ठा और न्यायिक कर्तव्यों के प्रति समर्पण की शपथ ली।

हाईकोर्ट चीफ जस्टिस ने दिलाई शपथ

यह समारोह न्यायिक प्रशासन की दृष्टि से इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि बीते कुछ समय से हाईकोर्ट में न्यायाधीशों की संख्या में कमी आई थी। कुछ वरिष्ठ न्यायाधीशों के सेवानिवृत्त होने के कारण अदालत में लंबित मामलों के निपटारे की रफ्तार पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही थी। ऐसे में तीन नए न्यायाधीशों की नियुक्ति को अदालत के कामकाज को गति देने वाले कदम के रूप में देखा जा रहा है।

समारोह में शामिल हुए गणमान्य अतिथि

इस अवसर पर हाईकोर्ट के मौजूदा न्यायाधीशों के अलावा रजिस्ट्रार जनरल और रजिस्ट्री से जुड़े वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे। इसके साथ ही छत्तीसगढ़ स्टेट ज्यूडिशियल एकेडमी और छत्तीसगढ़ स्टेट लीगल सर्विसेज अथॉरिटी के प्रतिनिधियों ने भी समारोह में शिरकत की। कार्यक्रम में बार के वरिष्ठ सदस्य, वरिष्ठ अधिवक्ता और न्यायिक बिरादरी से जुड़े कई अन्य सदस्य भी मौजूद रहे। समारोह की गरिमा और महत्व को देखते हुए बड़ी संख्या में कानूनी क्षेत्र से जुड़े लोग इस अवसर के साक्षी बने।

एडवोकेट जनरल ने दी शुभकामनाएं

कार्यक्रम के दौरान एडवोकेट जनरल ने नवनियुक्त न्यायाधीशों को उनकी नई जिम्मेदारी के लिए शुभकामनाएं दीं। इसके अलावा अन्य वरिष्ठ वक्ताओं ने भी अपने संबोधन में तीनों न्यायाधीशों के पूर्व के कार्यकाल और उनके योगदान की सराहना की। वक्ताओं ने कहा कि तीनों न्यायाधीशों ने अपने पूर्व के पदों पर रहते हुए उल्लेखनीय न्यायिक सेवाएं दी हैं और उनके अनुभव का लाभ अब छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट को मिलेगा।

समारोह में बोलने वालों ने यह भी विश्वास जताया कि नए न्यायाधीश अपनी नई भूमिका में न्याय, ईमानदारी और न्यायिक उत्कृष्टता के उच्चतम मानकों को बनाए रखेंगे। उनके अनुसार, न्यायपालिका की विश्वसनीयता इसी बात पर टिकी होती है कि पीठ पर बैठने वाले न्यायाधीश किस स्तर की निष्पक्षता और समर्पण के साथ काम करते हैं, और तीनों नवनियुक्त जज इस कसौटी पर खरे उतरेंगे, ऐसी उम्मीद जताई गई।

बिलासपुर हाईकोर्ट में नए जजों ने जताया अपना संकल्प

अपने संबोधन में तीनों नवनियुक्त न्यायाधीशों ने हाईकोर्ट जज के तौर पर मिली जिम्मेदारी को लेकर अपने विचार साझा किए। उन्होंने कहा कि वे अपने संवैधानिक और न्यायिक कर्तव्यों का पालन पूरी ईमानदारी, निष्पक्षता, स्वतंत्रता और न्याय के प्रति पूर्ण निष्ठा के साथ करेंगे।

बिलासपुर हाईकोर्ट में नए जजों ने जताया अपना संकल्प

तीनों न्यायाधीशों ने अपने संबोधन में भारत के संविधान, विधि के शासन (रूल ऑफ लॉ) और नैसर्गिक न्याय (नेचुरल जस्टिस) के सिद्धांतों की रक्षा करने के अपने संकल्प को दोहराया। उन्होंने यह भी कहा कि न्यायपालिका में बैठने वाले हर व्यक्ति पर आम नागरिकों के अधिकारों की रक्षा करने की बड़ी जिम्मेदारी होती है, और वे इस जिम्मेदारी को गंभीरता से निभाने का प्रयास करेंगे।

हाईकोर्ट में जजों की संख्या 13 पहुंची

इन तीन नई नियुक्तियों के साथ छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में कार्यरत न्यायाधीशों की कुल संख्या अब बढ़कर 13 हो गई है। इससे पहले कुछ वरिष्ठ न्यायाधीशों के सेवानिवृत्त होने के चलते अदालत में न्यायाधीशों की संख्या घट गई थी, जिसका सीधा असर मामलों की सुनवाई और निपटारे की गति पर पड़ रहा था।

कानूनी क्षेत्र से जुड़े जानकारों का मानना है कि न्यायाधीशों की संख्या में इस बढ़ोतरी से हाईकोर्ट में लंबित मामलों के निपटारे में तेजी आ सकती है। अदालतों में मामलों की लंबित संख्या लंबे समय से एक बड़ी चुनौती रही है, और नए न्यायाधीशों की नियुक्ति से पीठों के गठन में भी सुविधा होगी, जिससे सुनवाई प्रक्रिया अधिक सुचारू रूप से चल सकेगी।

न्यायपालिका के लिए महत्वपूर्ण दिन

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के लिए आज का दिन प्रशासनिक और न्यायिक दृष्टि से खास महत्व रखता है। नए न्यायाधीशों की नियुक्ति न केवल अदालत के कार्यभार को संतुलित करने में मदद करेगी, बल्कि इससे न्यायिक प्रणाली में नई ऊर्जा और नए दृष्टिकोण भी शामिल होंगे। अलग-अलग पृष्ठभूमि और अनुभव से आने वाले न्यायाधीश अपने साथ विविध कानूनी दृष्टिकोण लेकर आते हैं, जो जटिल मामलों की सुनवाई में सहायक साबित हो सकता है।

समारोह के समापन पर उपस्थित सभी लोगों ने तीनों नवनियुक्त न्यायाधीशों को एक बार फिर बधाई दी और उनके सफल व सार्थक कार्यकाल की कामना की। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट प्रशासन की ओर से भी यह स्पष्ट संकेत दिया गया कि आने वाले समय में जरूरत के अनुसार और भी नियुक्तियां हो सकती हैं, ताकि अदालत का कामकाज पूरी क्षमता के साथ संचालित हो सके।

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