भागुटोला सड़क हादसा में तेज रफ्तार वाहन ने 5 गायों को कुचल दिया। मौत के बाद ग्रामीणों ने चक्काजाम किया। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
कबीरधाम: छत्तीसगढ़ के कबीरधाम जिले में भागुटोला सड़क हादसा सामने आया है। कवर्धा-राजनांदगांव मार्ग पर शुक्रवार को तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने सड़क पर मौजूद मवेशियों को टक्कर मार दी। हादसे में पांच गायों की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं, एक गोवंश घायल हो गया।
घटना के बाद ग्रामीणों में काफी आक्रोश फैल गया। इसके बाद ग्रामीणों ने सड़क पर चक्काजाम कर दिया। इससे कवर्धा-राजनांदगांव मार्ग पर यातायात रुक गया। सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई।
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भागुटोला सड़क हादसा कैसे हुआ?
जानकारी के अनुसार, भागुटोला सड़क हादसा शुक्रवार को कवर्धा-राजनांदगांव मार्ग पर हुआ। ग्राम भागुटोला के पास कुछ मवेशी सड़क पर मौजूद थे। इसी दौरान एक तेज रफ्तार अज्ञात वाहन वहां से गुजरा।
वाहन ने सड़क पर मौजूद मवेशियों को टक्कर मार दी। टक्कर के बाद पांच गायों की मौके पर ही मौत हो गई। एक गोवंश घायल बताया गया है।
हादसे के बाद वाहन चालक मौके से निकल गया। फिलहाल वाहन की पहचान नहीं हो सकी है। इसलिए पुलिस ने अज्ञात वाहन चालक की तलाश शुरू कर दी है।

ग्रामीणों ने किया चक्काजाम
हादसे की जानकारी मिलते ही ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। मृत गायों को देखकर ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ गई। उन्होंने सड़क पर चक्काजाम कर दिया।
चक्काजाम के कारण मार्ग पर वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई। दोनों तरफ वाहनों की लंबी लाइन लग गई। इस दौरान 5 से 7 निजी स्कूल बसें भी जाम में फंस गईं।
इससे स्कूली बच्चों और अन्य यात्रियों को परेशानी हुई। हालांकि, पुलिस और प्रशासन की टीम जल्द ही मौके पर पहुंच गई।
अधिकारियों ने ग्रामीणों से की बातचीत
चक्काजाम की सूचना मिलते ही प्रशासनिक अधिकारी और पुलिस मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने ग्रामीणों से बातचीत की।
ग्रामीणों ने अज्ञात वाहन चालक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। साथ ही सड़क पर घूमने वाले गोवंश की सुरक्षा के लिए स्थायी व्यवस्था की मांग रखी।
ग्रामीणों का कहना था कि सड़क पर मवेशियों की मौजूदगी से हादसे का खतरा बना रहता है। खासकर रात और बारिश के दौरान खतरा और बढ़ जाता है।
अधिकारियों ने ग्रामीणों को कार्रवाई का भरोसा दिया। इसके बाद ग्रामीणों ने चक्काजाम समाप्त कर दिया। धीरे-धीरे मार्ग पर यातायात सामान्य हो गया।
पुलिस ने शुरू की जांच
भागुटोला सड़क हादसा सामने आने के बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। पुलिस अब अज्ञात वाहन की पहचान करने में जुटी है।
इसके लिए घटना के आसपास मौजूद लोगों से जानकारी ली जा रही है। साथ ही पुलिस संभावित सुरागों की जांच कर रही है।
यदि आसपास सीसीटीवी कैमरे मौजूद हैं, तो उनकी मदद भी ली जा सकती है। हालांकि, वाहन और चालक की पहचान जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।
छत्तीसगढ़ पुलिस के नागरिक पोर्टल पर भी पुलिस से जुड़ी कई ऑनलाइन सेवाएं उपलब्ध हैं। इनमें शिकायत और FIR की स्थिति देखने जैसी सुविधाएं शामिल हैं।
छत्तीसगढ़ पुलिस का आधिकारिक नागरिक पोर्टल
हादसे से दो दिन पहले लगाए गए थे रेडियम बेल्ट
इस घटना की एक और खास बात सामने आई है। 12 अगस्त को कबीरधाम यातायात पुलिस ने करीब 200 गोवंश के गले में रेडियम बेल्ट लगाए थे।
पुलिस का उद्देश्य सड़क हादसों को रोकना था। रेडियम बेल्ट पर वाहन की हेडलाइट पड़ने पर वह चमकता है। इससे रात के समय सड़क पर मौजूद मवेशी वाहन चालकों को दूर से दिखाई दे सकते हैं।
इस पहल को सड़क सुरक्षा से जोड़कर देखा गया था। खासकर बारिश के मौसम में यह व्यवस्था मददगार हो सकती है।
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भागुटोला सड़क हादसा : रेडियम बेल्ट के बाद भी पांच गायों की मौत
हालांकि, रेडियम बेल्ट अभियान के सिर्फ दो दिन बाद भागुटोला सड़क हादसा सामने आ गया। इसमें पांच गायों की मौत हो गई।
फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि हादसे में मारे गए मवेशियों के गले में रेडियम बेल्ट लगा था या नहीं। इसकी पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
फिर भी इस घटना ने सड़क पर घूमने वाले गोवंश की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। इससे यह सवाल भी उठ रहा है कि केवल रेडियम बेल्ट पर्याप्त हैं या इसके साथ दूसरे इंतजाम भी जरूरी हैं।

बारिश में क्यों बढ़ जाता है हादसे का खतरा?
बारिश के मौसम में सड़क पर दृश्यता कम हो जाती है। रात के समय यह समस्या और गंभीर हो सकती है।
इसके अलावा, गीली सड़क पर वाहन रोकने में भी अधिक दूरी लग सकती है। ऐसे में यदि अचानक कोई मवेशी सामने आ जाए, तो हादसे का खतरा बढ़ जाता है।
इसीलिए वाहन चालकों को बारिश और रात के समय विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। वहीं, पशुपालकों को भी गोवंश को मुख्य सड़कों पर खुला नहीं छोड़ना चाहिए।
पशुपालकों से भी की गई थी अपील
कबीरधाम यातायात पुलिस ने रेडियम बेल्ट लगाने के साथ पशुपालकों और गौ-सेवकों से अपील भी की थी।
पुलिस ने कहा था कि गोवंश को लावारिस हालत में सड़कों पर न छोड़ा जाए। क्योंकि सड़क पर घूमने वाले मवेशी खुद भी हादसे का शिकार हो सकते हैं।
साथ ही, तेज रफ्तार वाहनों से वाहन सवारों की जान को भी खतरा रहता है। इसलिए प्रशासन, वाहन चालकों और पशुपालकों को मिलकर इस समस्या का समाधान करना होगा।
भागुटोला सड़क हादसा फिर उठा रहा सुरक्षा का सवाल
भागुटोला सड़क हादसा केवल एक दुर्घटना नहीं है। इस घटना ने सड़क सुरक्षा से जुड़े कई सवाल खड़े किए हैं।
एक तरफ पुलिस गोवंश को रेडियम बेल्ट लगाने की पहल कर रही है। दूसरी तरफ सड़क पर मवेशियों की मौजूदगी अभी भी चुनौती बनी हुई है।
इसलिए अब जरूरत स्थायी समाधान की है। सड़क किनारे पर्याप्त रोशनी, चेतावनी संकेत और मवेशियों को सड़क से दूर रखने की व्यवस्था पर ध्यान देना जरूरी है।
इसके अलावा, वाहन चालकों को भी निर्धारित गति में वाहन चलाना चाहिए। खासकर रात और बारिश के समय सावधानी बेहद जरूरी है।
अब अज्ञात वाहन की पहचान का इंतजार
फिलहाल भागुटोला सड़क हादसा पुलिस जांच में है। पुलिस अज्ञात वाहन और उसके चालक की तलाश कर रही है।
ग्रामीणों ने आरोपी चालक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। वहीं, प्रशासन से गोवंश की सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाने की मांग भी की गई है।
जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि हादसा किस वाहन से हुआ था। इसके बाद जिम्मेदारी तय हो सकेगी।
इस घटना के बाद उम्मीद है कि प्रशासन सड़क पर गोवंश की आवाजाही रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाएगा। साथ ही, वाहन चालकों और पशुपालकों को भी सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक किया जाएगा।
