रायपुर। छत्तीसगढ़ में एक बार फिर बारिश की रफ्तार बढ़ने वाली है। मौसम विभाग के मुताबिक आज यानी 10 सितंबर से पूरे प्रदेश में बारिश बढ़ने के आसार बन रहे हैं। इसकी वजह बंगाल और बांग्लादेश के पास बना एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन है, यानी हवा का एक घूमता हुआ दबाव वाला सिस्टम।
मौसम विभाग का कहना है कि इसी सिस्टम के असर से आज बंगाल की खाड़ी के ऊपर एक लो प्रेशर एरिया यानी कम दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है। जब भी ऐसा सिस्टम बनता है, तो उसकी वजह से नमी वाली हवाएं छत्तीसगढ़ की तरफ बढ़ने लगती हैं, और इसी वजह से प्रदेश के कई इलाकों में बारिश तेज हो सकती है।
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पिछले 24 घंटे में कहां-कहां हुई बारिश
मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक पिछले 24 घंटे में प्रदेश के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज हुई है। सबसे ज्यादा बारिश कोरबा जिले के पाली इलाके में हुई, जहां 40 मिलीमीटर पानी गिरा। इसके बाद बिलासपुर के बेलगहना में 30 मिलीमीटर बारिश हुई।
इसके अलावा कोरबा के हरदीबाजार और कांकेर के नरहरपुर में भी 20-20 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। अगर पूरे मानसून सीजन की बात करें, तो अभी तक प्रदेश में सामान्य से 6 प्रतिशत कम बारिश हुई है, यानी अभी भी बारिश का आंकड़ा थोड़ा पीछे चल रहा है।
तापमान में भी दिखा उतार-चढ़ाव
पिछले 24 घंटे के तापमान की बात करें तो रायपुर में प्रदेश का सबसे ज्यादा तापमान दर्ज हुआ, जो 34.2 डिग्री तक पहुंचा। वहीं दूसरी तरफ सबसे कम तापमान पेंड्रा रोड में रहा, जहां पारा सिर्फ 21.2 डिग्री तक ही पहुंच पाया। इससे साफ पता चलता है कि प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में मौसम का मिजाज अभी भी काफी अलग-अलग बना हुआ है।
आज कई जगह बारिश, कुछ इलाकों में भारी बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग के मुताबिक आज यानी 10 सितंबर को प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। इसके साथ ही कुछ जगहों पर तेज बारिश और गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की भी संभावना जताई गई है।
मौसम विभाग का यह भी कहना है कि आने वाले दो दिनों में बारिश की रफ्तार और तेज हो सकती है। इस दौरान ज्यादातर जगहों पर हल्की से मध्यम बारिश होगी, लेकिन कुछ इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश भी हो सकती है, साथ ही गरज-चमक और बिजली गिरने का खतरा भी बना रहेगा।
किन इलाकों में ज्यादा असर हो सकता है
अभी तक मौसम विभाग ने यह नहीं बताया है कि प्रदेश का कौन सा जिला इस बारिश से सबसे ज्यादा प्रभावित होगा। मौसम विभाग का कहना है कि जैसे-जैसे यह सिस्टम मजबूत होगा, वैसे-वैसे प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में बारिश बढ़ सकती है। अगले दो दिनों में कुछ जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है।
गरज-चमक के दौरान तेज हवा चलने और बिजली गिरने का भी खतरा रहता है, इसलिए मौसम विभाग ने लोगों को सलाह दी है कि वे खुले मैदान में, पेड़ों के नीचे और बिजली के खंभों के आसपास खड़े होने से बचें। बारिश और आंधी के समय ऐसी जगहों पर रुकना खतरनाक हो सकता है।
रायपुर में तापमान 34 डिग्री तक पहुंचा
राजधानी रायपुर में पिछले 24 घंटे में प्रदेश का सबसे ज्यादा तापमान दर्ज हुआ, जो 34.2 डिग्री तक गया। वहीं सबसे कम तापमान पेंड्रा रोड में रहा, जो सिर्फ 21.2 डिग्री तक ही पहुंचा।
रायपुर में आज आसमान में कुछ बादल छाए रह सकते हैं, यानी आसमान आंशिक रूप से बादलों से घिरा रहेगा। साथ ही बारिश या गरज-चमक भी हो सकती है। आज रायपुर का अधिकतम तापमान करीब 34 डिग्री और न्यूनतम तापमान करीब 26 डिग्री रहने का अनुमान है।
पूरे मानसून सीजन का हाल
अगर पूरे मानसून सीजन की बात करें, तो छत्तीसगढ़ में अभी तक सामान्य से 6 प्रतिशत कम बारिश हुई है। हालांकि मौसम विभाग का कहना है कि आने वाले दिनों में बारिश की रफ्तार बढ़ने से यह कमी कुछ हद तक पूरी हो सकती है। किसानों और आम लोगों के लिए यह राहत की खबर है, क्योंकि बारिश की कमी का सीधा असर खेती-किसानी पर पड़ता है।
क्यों बन रहा है यह मौसम सिस्टम
मौसम विभाग के मुताबिक बंगाल की खाड़ी और बांग्लादेश के पास बने साइक्लोनिक सर्कुलेशन की वजह से ही यह पूरा बदलाव हो रहा है। जब भी समुद्र के पास इस तरह का दबाव वाला सिस्टम बनता है, तो उसकी वजह से हवा में नमी बढ़ जाती है, और यही नम हवा जब जमीन की तरफ बढ़ती है, तो बारिश का कारण बनती है।
यही वजह है कि मौसम विभाग ने पहले से ही अंदाजा लगा लिया है कि आने वाले दो-तीन दिनों में छत्तीसगढ़ में बारिश की गतिविधि बढ़ेगी। ऐसे सिस्टम आमतौर पर कुछ दिनों तक असर दिखाते हैं, और फिर धीरे-धीरे कमजोर पड़ जाते हैं।
लोगों के लिए जरूरी सलाह
मौसम विभाग ने आम लोगों से अपील की है कि गरज-चमक और तेज बारिश के दौरान अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलें। अगर बाहर हैं, तो खुले मैदान, पेड़ों के नीचे और बिजली के खंभों से दूर रहें, क्योंकि बिजली गिरने का खतरा इन्हीं जगहों पर सबसे ज्यादा होता है।
किसानों को भी सलाह दी गई है कि वे मौसम की जानकारी पर नजर रखें, ताकि खेती से जुड़े जरूरी काम समय पर निपटाए जा सकें। भारी बारिश की स्थिति में निचले इलाकों में पानी भरने की आशंका भी रहती है, इसलिए ऐसी जगहों पर रहने वाले लोगों को भी सतर्क रहने की जरूरत है।
आने वाले दिनों में क्या रहेगा हाल
मौसम विभाग के मुताबिक अगले दो दिन छत्तीसगढ़ के लिए बारिश के लिहाज से अहम रहने वाले हैं। इस दौरान प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश होगी, जबकि कुछ जगहों पर भारी बारिश भी हो सकती है। गरज-चमक और बिजली गिरने की घटनाएं भी इस दौरान देखने को मिल सकती हैं।
फिलहाल यह कहना मुश्किल है कि कौन सा जिला सबसे ज्यादा प्रभावित होगा, लेकिन मौसम विभाग लगातार इस सिस्टम पर नजर बनाए हुए है और जैसे-जैसे नई जानकारी मिलेगी, वैसे-वैसे अलर्ट भी अपडेट किए जाएंगे।
निष्कर्ष के तौर पर कहा जा सकता है कि छत्तीसगढ़ में मानसून की विदाई से पहले एक बार फिर अच्छी बारिश देखने को मिल सकती है, जो सामान्य से कम बारिश की कमी को थोड़ा पूरा करने में मदद कर सकती है। हालांकि इसके साथ ही तेज बारिश और बिजली गिरने के खतरे को देखते हुए सावधानी बरतना भी उतना ही जरूरी है।

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