IPS राहुल बंसल पर बढ़ा विवाद, EWS जांच और रिश्वत केस

IPS राहुल बंसल

IPS राहुल बंसल पर बढ़ा विवाद: EWS प्रमाणपत्र की जांच की मांग, 1 करोड़ की कथित रिश्वत मामले के बीच पुराना वीडियो वायरल

रायपुर। छत्तीसगढ़ कैडर के 2022 बैच के IPS राहुल बंसल को लेकर विवाद बढ़ता नजर आ रहा है। एक ओर उनके खिलाफ 1 करोड़ रुपये की कथित रिश्वत से जुड़े मामले की जांच की बात सामने आई है, वहीं अब उनके EWS प्रमाणपत्र और पात्रता को लेकर केंद्र सरकार के कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DOPT) में शिकायत दर्ज कराई गई है।

इस शिकायत के बाद राहुल बंसल की UPSC चयन प्रक्रिया के दौरान प्रस्तुत किए गए EWS प्रमाणपत्र और उससे जुड़ी पात्रता पर सवाल उठाए गए हैं। हालांकि, फिलहाल ये सभी आरोप और सवाल शिकायत एवं जांच के स्तर पर हैं। किसी भी आरोप की अंतिम पुष्टि जांच और संबंधित कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।

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IPS राहुल बंसल के EWS प्रमाणपत्र पर क्या शिकायत हुई?

RTI एवं सोशल एक्टिविस्ट कुणाल शुक्ला ने राहुल बंसल के EWS श्रेणी के दावे और प्रमाणपत्र की वैधता की जांच की मांग करते हुए DOPT में ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराई है।

शिकायत में मुख्य रूप से UPSC में प्रस्तुत किए गए EWS प्रमाणपत्र, उसे जारी किए जाने की प्रक्रिया और संबंधित वित्तीय वर्ष में आय एवं संपत्ति के आधार पर उनकी पात्रता की जांच की मांग की गई है।

बताया गया है कि इस शिकायत का नंबर DOPAT/E/2026/0010832 है।

शिकायतकर्ता की ओर से यह सवाल उठाया गया है कि राहुल बंसल ने जिस समय UPSC प्रक्रिया में EWS श्रेणी का लाभ लिया, उस समय वे निर्धारित नियमों के अनुसार EWS के लिए पात्र थे या नहीं। अब इस मामले में संबंधित दस्तावेजों और रिकॉर्ड की जांच की मांग की गई है।

1 करोड़ की कथित रिश्वत का मामला भी चर्चा में

राहुल बंसल से जुड़ा कथित रिश्वत मामला भी इस समय चर्चा में है। उन पर हवाला के माध्यम से 1 करोड़ रुपये की कथित रिश्वत लेने के आरोपों की जांच की बात सामने आई है।

हालांकि, यह स्पष्ट करना जरूरी है कि रिश्वत से जुड़े आरोपों की भी अभी जांच चल रही है। जांच एजेंसियों की प्रक्रिया पूरी होने और संबंधित कानूनी कार्रवाई के बाद ही आरोपों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी।

ऐसे में EWS प्रमाणपत्र को लेकर सामने आई शिकायत और कथित रिश्वत मामले को अलग-अलग जांच का विषय माना जाना चाहिए।

IPS राहुल बंसल

IPS राहुल बंसल का पुराना मॉक इंटरव्यू वीडियो हुआ वायरल

इसी बीच राहुल बंसल का UPSC पास करने से पहले का एक पुराना मॉक इंटरव्यू वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

इस वीडियो में राहुल बंसल से भ्रष्टाचार और रिश्वत को लेकर सवाल किया गया था। इंटरव्यू के दौरान उन्होंने अपने अनुभव का जिक्र करते हुए 500 रुपये की रिश्वत देने की बात कही थी।

उन्होंने बताया था कि रिश्वत देते समय उन्हें अच्छा नहीं लगा था और इस अनुभव ने उन्हें प्रभावित किया था।

अब जब उनके खिलाफ 1 करोड़ रुपये की कथित रिश्वत से जुड़े आरोपों की जांच की बात सामने आई है, तो सोशल मीडिया पर उनका यह पुराना वीडियो दोबारा चर्चा में आ गया है।

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सोशल मीडिया पर पुराने वीडियो की चर्चा तेज

IPS राहुल बंसल का पुराना मॉक इंटरव्यू सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोग उनके पुराने बयान और वर्तमान विवाद की तुलना कर रहे हैं।

हालांकि, किसी पुराने वीडियो में कही गई बात को वर्तमान आरोपों का प्रमाण नहीं माना जा सकता। वर्तमान मामले में जांच के निष्कर्ष और आधिकारिक दस्तावेज ही महत्वपूर्ण होंगे।

सोशल मीडिया पर वायरल दावों और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के बीच अंतर करना भी जरूरी है।

EWS प्रमाणपत्र की जांच से क्या होगा?

EWS यानी आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के आरक्षण का लाभ लेने के लिए निर्धारित आय और संपत्ति संबंधी शर्तों को पूरा करना होता है। इसके लिए संबंधित प्रमाणपत्र और पात्रता की जांच निर्धारित नियमों के आधार पर की जाती है।

यदि DOPT शिकायत पर जांच करता है, तो संबंधित रिकॉर्ड और प्रमाणपत्रों की प्रक्रिया की जांच हो सकती है। इसके बाद ही यह स्पष्ट होगा कि शिकायत में उठाए गए सवालों में कोई तथ्यात्मक आधार है या नहीं।

फिलहाल शिकायत दर्ज होने का मतलब यह नहीं है कि EWS प्रमाणपत्र गलत या अवैध साबित हो गया है।

IPS राहुल बंसल रिश्वत मामला: जांच के बाद ही साफ होगी पूरी तस्वीर

IPS राहुल बंसल से जुड़े मामले में इस समय दो अलग-अलग मुद्दे चर्चा में हैं। पहला मामला 1 करोड़ रुपये की कथित रिश्वत से जुड़ा है, जबकि दूसरा मामला उनके EWS प्रमाणपत्र और पात्रता को लेकर DOPT में दर्ज शिकायत का है।

दोनों मामलों में जांच की स्थिति सामने आने के बाद ही वास्तविक तथ्य स्पष्ट होंगे। इसलिए बिना जांच पूरी हुए किसी भी आरोप को अंतिम सत्य मानना उचित नहीं होगा।

राहुल बंसल के पुराने मॉक इंटरव्यू की सोशल मीडिया पर चर्चा ने इस पूरे मामले को और ज्यादा सुर्खियों में ला दिया है। अब नजर इस बात पर है कि DOPT में दर्ज शिकायत पर क्या कार्रवाई होती है और रिश्वत से जुड़े मामले की जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं।

अस्वीकरण: इस खबर में उल्लेखित आरोप और शिकायतें उपलब्ध जानकारी के आधार पर हैं। संबंधित आरोपों की स्वतंत्र एवं अंतिम पुष्टि जांच तथा कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही मानी जाएगी।

प्रवर्तन निदेशालय (ED)

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