रोजगार, प्रदूषण, मजदूर सुरक्षा और शिक्षा व्यवस्था को लेकर उठी आवाज
धरसीवां क्षेत्र के ग्राम गिरौद में रविवार को जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी और छत्तीसगढ़िया क्रान्ति सेना द्वारा सदस्यता अभियान एवं ग्रामीण बैठक का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीण, किसान, मजदूर और युवा शामिल हुए। सभा के दौरान कई लोगों ने पार्टी की सदस्यता ग्रहण कर क्षेत्रीय अधिकारों की लड़ाई को मजबूत करने का संकल्प लिया।
बैठक में संगठन के पदाधिकारियों ने विभिन्न सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों को उठाते हुए प्रदेश में हो रही घटनाओं पर चिंता जताई।

दुर्ग ग्रामीण से जुड़े चेतन चंदेल मामले में FIR की कार्रवाई तथा बालोद के दानी साहू को जेल भेजे जाने जैसे मुद्दों का भी जिक्र किया गया। वक्ताओं ने कहा कि क्षेत्रीय आवाज उठाने वालों को दबाने की कोशिश लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए ठीक संकेत नहीं है।
सभा में रोजगार, शिक्षा, उद्योगों से फैल रहे प्रदूषण और मजदूरों की सुरक्षा जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई। वक्ताओं ने कहा कि छत्तीसगढ़ के जल, जंगल और जमीन पर पहला अधिकार यहां के लोगों का होना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि उद्योगों का विरोध नहीं है, लेकिन ऐसे उद्योग स्थापित होने चाहिए जहां स्थानीय युवाओं को रोजगार मिले, प्रदूषण कम फैले और मजदूरों की सुरक्षा सुनिश्चित हो।
औद्योगिक दुर्घटनाओं में लगातार मजदूरों की मौत पर भी नाराजगी जताई गई। वक्ताओं ने कहा कि मजदूरों की सुरक्षा को लेकर कंपनियों और प्रशासन दोनों को जवाबदेह बनाना जरूरी है।
युवाओं ने शिक्षा व्यवस्था और प्रतियोगी परीक्षाओं में हो रही गड़बड़ियों पर भी सवाल उठाए। NEET पेपर लीक जैसे मामलों को युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ बताते हुए निष्पक्ष जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की गई।
सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि अब छत्तीसगढ़िया समाज अपने अधिकारों और समस्याओं को लेकर खुलकर आवाज उठाने लगा है।
शराब, लालच और झूठे वादों की राजनीति से जनता को भ्रमित करने का दौर अब खत्म होना चाहिए। क्षेत्रीय दल ही स्थानीय समस्याओं को बेहतर तरीके से समझकर उनका समाधान निकाल सकते हैं।
कार्यक्रम के अंत में संगठन पदाधिकारियों ने गांव-गांव तक सदस्यता अभियान चलाने और क्षेत्रीय मुद्दों को लेकर जनजागरण अभियान तेज करने की बात कही।

