छत्तीसगढ़ की सियासत में एक बार फिर पीएम आवास का मुद्दा गरमा गया है. इस बार बात सिर्फ बयानबाजी तक सीमित नहीं रही, बल्कि सीधे डिबेट की चुनौती तक जा पहुंची है. डिप्टी सीएम विजय शर्मा और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल अब रायपुर प्रेस क्लब के मंच पर इस मुद्दे पर आमने-सामने होने वाले हैं.

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पीएम आवास पर चुनौती दी, चुनौती स्वीकार भी हो गई
डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने भूपेश बघेल को पीएम आवास के मुद्दे पर खुली बहस की चुनौती दे डाली. उन्होंने न सिर्फ चुनौती दी, बल्कि इसके लिए जगह भी खुद तय कर दी — रायपुर प्रेस क्लब. वहीं भूपेश बघेल ने भी बिना देर किए यह चुनौती कबूल कर ली. भूपेश का कहना है कि वे प्रेस क्लब में इस विषय पर बहस के लिए पूरी तरह तैयार हैं.
आखिर पूरा विवाद है क्या?
दरअसल पीएम आवास योजना काफी समय से छत्तीसगढ़ में बीजेपी और कांग्रेस के बीच टकराव की बड़ी वजह बनी हुई है. दोनों ही दल इस योजना के आंकड़ों को लेकर एक-दूसरे पर निशाना साधते रहे हैं. इसी कड़ी में विजय शर्मा ने फिर एक बार भूपेश बघेल को ललकारा और कहा कि अगर वे इस योजना पर बात करना चाहते हैं तो खुलकर बहस कर लें. इसी चुनौती के साथ उन्होंने बहस के लिए रायपुर प्रेस क्लब को मंच के तौर पर चुना.
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विजय शर्मा का आरोप — कांग्रेस छिपा रही अपनी नाकामी
डिप्टी सीएम विजय शर्मा का सीधा आरोप है कि भूपेश बघेल पीएम आवास को लेकर बेबुनियाद आरोप लगाकर असल में अपनी सरकार की नाकामी पर पर्दा डालना चाहते हैं. उन्होंने दावा किया कि प्रदेश में अब तक सवा 11 लाख से ज्यादा मकान बनकर तैयार हो चुके हैं. इतना ही नहीं, उनके मुताबिक बीते दिन ही करीब 2 लाख से अधिक घरों में गृहप्रवेश कार्यक्रम भी संपन्न कराया गया. विजय शर्मा की इस चुनौती के जवाब में भूपेश बघेल ने भी मोर्चा संभाला और कहा कि सिर्फ वे ही नहीं, बल्कि पूरी कांग्रेस इस मुद्दे पर बहस के लिए तैयार खड़ी है.
भूपेश बघेल का पलटवार — केंद्र ने घटाकर बताए आंकड़े
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भी अपने आंकड़े सामने रखते हुए पलटवार किया. उनका दावा है कि कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में पीएम आवास के तहत 18.45 लाख मकान स्वीकृत किए गए थे, जिनमें से 11 लाख से ज्यादा मकान बनकर तैयार भी हो गए थे. भूपेश का आरोप है कि केंद्र सरकार ने जानबूझकर आंकड़ों में हेराफेरी करते हुए सिर्फ 9.81 लाख मकान ही स्वीकृत बताए.
वहीं दूसरी तरफ विजय शर्मा का कहना है कि केंद्र सरकार ने छत्तीसगढ़ में बीते 10 साल में कुल 24 लाख 54 हजार घरों की स्वीकृति दी थी, जिसमें से अब तक 20 लाख 41 हजार घर बनकर तैयार हो चुके हैं. दिलचस्प बात यह है कि इनमें से 11 लाख से ज्यादा मकान सिर्फ पिछले ढाई साल के भीतर ही बने हैं, और सबसे ज्यादा निर्माण वर्ष 2023 से 2026 के बीच हुआ है.
विधानसभा से लेकर मंत्रालय तक गूंज चुका है पीएम आवास मुद्दा
पीएम आवास को लेकर विजय शर्मा और भूपेश बघेल के बीच की यह सियासी तकरार कोई नई बात नहीं है. इससे पहले भी यह मुद्दा छत्तीसगढ़ विधानसभा के भीतर जोर-शोर से उठ चुका है. गौरतलब है कि भूपेश सरकार के दौरान तत्कालीन पंचायत मंत्री टीएस सिंहदेव ने भी इसी योजना को लेकर सरकार से गहरे मतभेद के चलते अपने विभाग से इस्तीफा दे दिया था. उस समय भी विवाद की जड़ यही थी कि राज्य सरकार की ओर से पीएम आवास के लिए जरूरी राशि समय पर जारी नहीं हो पा रही थी.
इसी बीच बीते दिन सक्ती जिले के ग्राम जेठा में केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी अपने बयान में पीएम आवास का जिक्र करते हुए कांग्रेस पर तीखा निशाना साधा. उनके बयान ने इस मुद्दे को एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर की सुर्खियों में ला दिया.
अब सबकी नजर प्रेस क्लब की बहस पर
अब सवाल यह है कि जब विजय शर्मा और भूपेश बघेल आमने-सामने बैठेंगे, तो पीएम आवास के आंकड़ों की यह जंग किस दिशा में जाएगी. दोनों नेता अपने-अपने आंकड़ों और तर्कों के साथ मैदान में उतरने को तैयार हैं, और यही वजह है कि रायपुर प्रेस क्लब की यह प्रस्तावित बहस छत्तीसगढ़ की सियासत में एक बड़ा टकराव साबित हो सकती है.
कुल मिलाकर पीएम आवास पर छिड़ी यह बहस सिर्फ आंकड़ों की लड़ाई नहीं, बल्कि आने वाले चुनावी माहौल में जनता के बीच अपनी छवि मजबूत करने की कोशिश भी मानी जा रही है. अब देखना यह होगा कि यह चर्चित डिबेट कब और किस रूप में आयोजित होती है, और इसका सियासी असर छत्तीसगढ़ की राजनीति पर कैसा पड़ता है.

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