Jashpur Fertilizer News: पत्थलगांव में निर्धारित दर से अधिक यूरिया बेचने की शिकायत पर अन्नपूर्णा खाद भंडार 7 दिन सील, संचालक को नोटिस जारी।
Jashpur Fertilizer News: जशपुर में खाद पर बड़ा एक्शन: अन्नपूर्णा खाद भंडार 7 दिन सील, ओवररेटिंग पर कार्रवाई
पत्थलगांव, 9 अगस्त 2026। Jashpur Fertilizer News: जशपुर जिले में खाद की निर्धारित दर से अधिक कीमत वसूलने वाले विक्रेताओं के खिलाफ कृषि विभाग ने सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। पत्थलगांव विकासखंड में अन्नपूर्णा खाद भंडार को 7 दिनों के लिए सील कर दिया गया है। कृषि विभाग की जांच में यूरिया निर्धारित दर से अधिक कीमत पर बेचने की शिकायत की पुष्टि होने के बाद यह कार्रवाई की गई।
किसानों की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए कृषि विभाग की टीम ने दुकान का औचक निरीक्षण किया। जांच के दौरान अधिकारियों ने खाद की बिक्री, दर और उपलब्ध रिकॉर्ड का सत्यापन किया। इसके बाद विभाग ने दुकान को सील करते हुए संचालक को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।
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Jashpur Fertilizer News: किसानों की शिकायत पर कृषि विभाग का बड़ा एक्शन
पत्थलगांव क्षेत्र में किसानों से खाद के लिए निर्धारित दर से अधिक राशि लिए जाने की शिकायतें सामने आ रही थीं। किसानों की शिकायत के बाद कृषि विभाग ने मामले की जांच शुरू की।
विभागीय टीम ने अन्नपूर्णा खाद भंडार का अचानक निरीक्षण किया। अधिकारियों के मुताबिक, जांच के दौरान यूरिया की बिक्री निर्धारित दर से अधिक कीमत पर किए जाने की बात सामने आई।
इसके बाद अधिकारियों ने तत्काल कार्रवाई करते हुए दुकान को 7 दिनों के लिए सील कर दिया।
ओवररेटिंग की पुष्टि के बाद दुकान पर पड़ा ताला
खाद की कीमत को लेकर किसानों को किसी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए प्रशासन की ओर से निर्धारित दर पर ही उर्वरक बेचने के निर्देश दिए गए हैं। इसके बावजूद यदि कोई विक्रेता निर्धारित कीमत से अधिक राशि वसूलता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।
कृषि विभाग के अनुसार, अन्नपूर्णा खाद भंडार के निरीक्षण के दौरान ओवररेटिंग से जुड़ी शिकायतों की जांच की गई। विभागीय कार्रवाई के बाद दुकान को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है।
दुकान संचालक को अपना पक्ष रखने के लिए कारण बताओ नोटिस भी जारी किया गया है। आगे की कार्रवाई संचालक के जवाब और विभागीय जांच के आधार पर की जाएगी।

उर्वरक नियंत्रण आदेश के तहत कार्रवाई
कृषि विभाग ने यह कार्रवाई उर्वरक नियंत्रण आदेश, 1985 के प्रावधानों के तहत की है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि उर्वरक की बिक्री में निर्धारित नियमों का पालन करना जरूरी है।
कृषि विभाग की टीम अब क्षेत्र में अन्य उर्वरक दुकानों की भी निगरानी कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि खाद की उपलब्धता, वितरण और बिक्री दर की लगातार जांच की जाएगी।
कार्रवाई करने वाली टीम में ये अधिकारी शामिल
अन्नपूर्णा खाद भंडार के निरीक्षण और कार्रवाई के दौरान कृषि विभाग के कई अधिकारी मौजूद रहे। कार्रवाई करने वाली टीम में शामिल अधिकारी हैं—
- आर.के. पैंकरा — अनुविभागीय कृषि अधिकारी, पत्थलगांव
- जीवन एक्का — वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी
- मंत्री राम राठिया — कृषि विकास अधिकारी
- कृष्ण कुमार चौधरी — ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी
टीम ने मौके पर खाद की बिक्री से संबंधित जानकारी और दस्तावेजों की जांच की।
Jashpur Fertilizer News: कालाबाजारी और मनमानी वसूली पर सख्त चेतावनी
कृषि विभाग ने जिले के उर्वरक विक्रेताओं को स्पष्ट चेतावनी दी है कि किसानों से निर्धारित दर से अधिक राशि वसूलने या खाद वितरण में किसी तरह की गड़बड़ी करने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
उप संचालक कृषि ने कहा है कि जिले में रासायनिक खाद की उपलब्धता, वितरण और कीमतों पर लगातार नजर रखी जा रही है। किसानों के हितों से खिलवाड़ करने वाले विक्रेताओं के खिलाफ नियमों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन की इस कार्रवाई से उन खाद विक्रेताओं में भी हड़कंप की स्थिति है, जो निर्धारित नियमों का पालन नहीं कर रहे हैं।
किसानों से अपील—रेट से ज्यादा पैसा न दें
कृषि विभाग ने किसानों से अपील की है कि उर्वरक खरीदते समय निर्धारित सरकारी दर की जानकारी जरूर लें। खाद खरीदते समय निर्धारित कीमत से अधिक भुगतान न करें।
यदि कोई विक्रेता तय दर से अधिक पैसे मांगता है या खाद वितरण में अनियमितता करता है तो किसान इसकी सूचना कृषि विभाग को दे सकते हैं।
विभाग का कहना है कि किसानों की शिकायत मिलने पर मामले की जांच की जाएगी और शिकायत सही पाए जाने पर संबंधित विक्रेता के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
आगे भी जारी रह सकती है जांच
अन्नपूर्णा खाद भंडार को 7 दिनों के लिए सील करने की कार्रवाई के बाद अब विभाग की नजर जिले के अन्य उर्वरक विक्रेताओं पर भी है। विभागीय टीम द्वारा खाद की कीमत और वितरण व्यवस्था की जांच आगे भी की जा सकती है।
प्रशासन का उद्देश्य किसानों को उचित दर पर खाद उपलब्ध कराना और खाद की कालाबाजारी या ओवररेटिंग पर रोक लगाना है।
फिलहाल अन्नपूर्णा खाद भंडार के संचालक को जारी कारण बताओ नोटिस के जवाब और विभागीय जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी।
कृषि विभाग ने यह कार्रवाई Fertiliser (Control) Order, 1985 के प्रावधानों के तहत की है।
