जबर हरेली-रईली भेलई
जबर हरेली-रईली भेलई

जबर हरेली-रईली भेलई बर रायपुर के पत्रकार भाई-बहिनी मन ला विशेष नेवता भेजे गे हवय।

रायपुर। छत्तीसगढ़ के लोक संस्कृति, परंपरा अऊ किसान जीवन के प्रतीक हरेली पर्व ला भव्य रूप ले मनाय बर क्रांति सेना अऊ जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी के तत्वावधान मं 16 अगस्त ला जबर हरेली-रईली भेलई के आयोजन करे जावत हवय। ए सांस्कृतिक आयोजन बर रायपुर के पत्रकार भाई-बहिनी मन ला सादर नेवता भेजे गे हवय।

आयोजन मं पत्रकार मन के उपस्थिति ले छत्तीसगढ़ के समृद्ध परंपरा अऊ लोक संस्कृति के संदेश जियादा से जियादा लोगन तक पहुंचही। एखर से नई पीढ़ी घलो अपन संस्कृति अऊ परंपरा के महत्व ला समझ सकही।

हरेली छत्तीसगढ़ के सबसे प्रमुख पारंपरिक तिहार मन मं से एक आय। ए दिन किसान मन अपन खेती के औजार के पूजा करथें, गौ माता के सेवा करथें अऊ धरती माता के प्रति आभार व्यक्त करथें। गांव-गांव मं गेड़ी चलाय जाथे, लोकगीत गाए जाथें, पारंपरिक खेल होथे अऊ पूरा माहौल उत्साह अऊ उमंग ले भर जाथे।

एही सांस्कृतिक विरासत ला बढ़ावा देय बर 16 अगस्त के कार्यक्रम मं विविध सांस्कृतिक प्रस्तुति, लोक नृत्य, लोकगीत, पारंपरिक खेलकूद, गेड़ी प्रदर्शन, कृषि संस्कृति के झलक अऊ छत्तीसगढ़ी खान-पान के विशेष व्यवस्था रखे गे हवय।

आयोजक मन बताइन कि कार्यक्रम मं समाज के अलग-अलग वर्ग, कलाकार, साहित्यकार, किसान, युवा अऊ गणमान्य नागरिक मन घलो शामिल होही। पत्रकार भाई-बहिनी मन के उपस्थिति ए आयोजन ला अउ जियादा प्रभावी बनाही, काबर मीडिया समाज अऊ संस्कृति के संदेश ला जन-जन तक पहुंचाय के सबसे मजबूत माध्यम आय।

कार्यक्रम मं समाज के अलग-अलग वर्ग के प्रतिनिधि अपन विचार रखहीं अऊ छत्तीसगढ़ के अस्मिता, भाषा अऊ सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण बर चर्चा घलो होही। आयोजन के माध्यम ले समाज मं एकता, भाईचारा अऊ सांस्कृतिक चेतना ला मजबूत करे के प्रयास करे जावत हवय।

कार्यक्रम के माध्यम ले छत्तीसगढ़ के लोक संस्कृति, पारंपरिक कला अऊ ग्रामीण जीवन शैली के संरक्षण बर विशेष संदेश देय जाही। आयोजन मं आए अतिथि मन ला छत्तीसगढ़ी रीति-रिवाज के अनुसार स्वागत करे जाही।

क्रांति सेना अऊ जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी समय-समय मं छत्तीसगढ़ी अस्मिता अऊ स्थानीय मुद्दा मन ला लेके कार्यक्रम आयोजित करत रहिथें। हाल के महीना मं संगठन के गतिविधि अऊ जनसंपर्क अभियान घलो चर्चा मं रहिस।

आयोजक समिति के कहना हवय कि आज के आधुनिक दौर मं परंपरा अऊ संस्कृति ला बचाय रखना बहुत जरूरी हवय। हरेली जइसन तिहार मन सिरिफ धार्मिक आयोजन नइ, बल्कि समाज मं एकता, भाईचारा अऊ प्रकृति संरक्षण के संदेश देथें।

कार्यक्रम मं लोक कलाकार मन अपन रंगारंग प्रस्तुति देहीं। पारंपरिक वाद्य यंत्र के धुन, छत्तीसगढ़ी लोकगीत अऊ नृत्य दर्शक मन बर विशेष आकर्षण रही। युवा पीढ़ी ला अपन संस्कृति संग जोड़ाय बर कई सांस्कृतिक गतिविधि आयोजित करे जाही।

आयोजक मन पत्रकार भाई-बहिनी मन ले अपील करिन कि अधिक से अधिक संख्या मं पहुंच के ए सांस्कृतिक आयोजन के गरिमा ला बढ़ावं अऊ छत्तीसगढ़ के लोक संस्कृति के संदेश ला घर-घर पहुंचाय मं सहयोग करव।

हरेली-रईली भेलई के उद्देश्य केवल एक कार्यक्रम आयोजित करना नइ, बल्कि छत्तीसगढ़ के सांस्कृतिक पहचान ला मजबूत करना, किसान मन के सम्मान बढ़ाना अऊ लोक परंपरा ला नई पीढ़ी तक पहुंचाना घलो आय।

कार्यक्रम के दौरान छत्तीसगढ़ी व्यंजन, पारंपरिक परिधान, लोक कला प्रदर्शनी अऊ ग्रामीण संस्कृति के विभिन्न स्वरूप मन के प्रदर्शन घलो होही। एखर माध्यम ले लोगन ला छत्तीसगढ़ के समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के नजदीक ले जानय के अवसर मिलही।

आयोजक समिति के भरोसा हवय कि ए आयोजन म पत्रकार, सामाजिक संगठन, कलाकार, किसान अऊ आम नागरिक मन के बढ़िया सहभागिता रहिही। ए कार्यक्रम छत्तीसगढ़ के सांस्कृतिक एकता अऊ सामाजिक समरसता के संदेश ला अउ मजबूत करही।

रायपुर के पत्रकार भाई-बहिनी मन ला आमंत्रण देय गे हवय कि 16 अगस्त के आयोजित ए भव्य हरेली-रईली भेलई मं शामिल होके छत्तीसगढ़ के गौरवशाली परंपरा के साक्षी बन अऊ ए सांस्कृतिक महापर्व के संदेश ला जन-जन तक पहुंचाव।

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