IFS ट्रांसफर : छत्तीसगढ़ में 9 IFS अधिकारियों की नवीन पदस्थापना हुई है। टाइगर रिजर्व, राष्ट्रीय उद्यान और वन मंडलों में मिली नई जिम्मेदारियों की पूरी सूची यहां देखें।
रायपुर। IFS ट्रांसफर : छत्तीसगढ़ शासन के वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग ने भारतीय वन सेवा (IFS) के 9 अधिकारियों की नवीन पदस्थापना के आदेश जारी किए हैं। मंत्रालय, महानदी भवन, नवा रायपुर अटल नगर से 21 अगस्त 2026 को जारी आदेश में अधिकारियों को प्रशासनिक दृष्टिकोण से अस्थायी रूप से आगामी आदेश तक नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। इस आदेश के बाद टाइगर रिजर्व, राष्ट्रीय उद्यान और वन मंडलों में कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों में बदलाव हुआ है। चीनी की कीमत पर सरकार सख्त, स्टॉक सीमा 30 से घटाकर 15 दिन
IFS ट्रांसफर : अधिकारियों की नवीन पदस्थापना क्यों महत्वपूर्ण है?
IFS अधिकारियों की नवीन पदस्थापना के तहत राज्य के अलग-अलग वन क्षेत्रों में अधिकारियों की जिम्मेदारियां बदली गई हैं। इनमें गुरु घासीदास टाइगर रिजर्व, अचानकमार टाइगर रिजर्व, इंद्रावती टाइगर रिजर्व और कांकेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान जैसे महत्वपूर्ण वन क्षेत्रों से जुड़ी जिम्मेदारियां शामिल हैं।

विभाग के आदेश के अनुसार यह बदलाव प्रशासनिक जरूरतों को ध्यान में रखकर किया गया है। नई जिम्मेदारी मिलने के बाद संबंधित अधिकारियों को अपने नए पद का कार्यभार संभालना होगा।
9 अधिकारियों की नई जिम्मेदारी
1. सौरभ सिंह ठाकुर (2017 बैच)
सौरभ सिंह ठाकुर वर्तमान में गुरु घासीदास टाइगर रिजर्व, बैकुंठपुर के उप संचालक के रूप में पदस्थ थे। अब उन्हें हाथी रिजर्व, सरगुजा, अंबिकापुर का उप संचालक बनाया गया है।
2. हिमेश कुमार पटेल (2018 बैच)
हिमेश कुमार पटेल वन उप संरक्षक (प्रादेशिक), मुंगेली के पद पर कार्यरत थे। अब उन्हें अचानकमार टाइगर रिजर्व, लोरमी का उप संचालक नियुक्त किया गया है।
3. गोवेश यू. आर. (2019 बैच)
गोवेश यू. आर. अचानकमार टाइगर रिजर्व, बिलासपुर के उप संचालक थे। नई जिम्मेदारी में उन्हें वन संरक्षक अधिकारी, अनुसंधान एवं विस्तार वन मंडल बिलासपुर बनाया गया है। इसके साथ उन्हें संचालक, अचानकमार बायोस्फियर रिजर्व बिलासपुर का अतिरिक्त प्रभार भी दिया गया है।
4. अभिनव कुमार (2021 बैच)
अभिनव कुमार वन उप संरक्षक (प्रादेशिक), मुंगेली के पद से अब वन उप संरक्षक (प्रादेशिक), मोहला की जिम्मेदारी संभालेंगे।
5. एस. नवीन कुमार (2022 बैच)
एस. नवीन कुमार वर्तमान में कांकेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान, जगदलपुर के संचालक थे। उन्हें अब वन उप संरक्षक (प्रादेशिक), पश्चिम भानुप्रतापपुर पदस्थ किया गया है।
6. गौतम पद्मेश (2023 बैच)
गौतम पद्मेश उप वनमंडलाधिकारी, गौरेला वनमंडल, मरवाही के पद पर थे। अब उन्हें कांकेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान, जगदलपुर का संचालक बनाया गया है।
7. श्वेता कश्यप (2023 बैच)
श्वेता कश्यप अंबिकापुर वनमंडल में उप वनमंडलाधिकारी थीं। अब उन्हें गुरु घासीदास टाइगर रिजर्व, बैकुंठपुर का उप संचालक बनाया गया है।
8. उमेश संजय सूर्यवंशी (2023 बैच)
उमेश संजय सूर्यवंशी सुकमा वनमंडल में उप वनमंडलाधिकारी के पद पर थे। अब उन्हें इंद्रावती टाइगर रिजर्व, बीजापुर का उप संचालक नियुक्त किया गया है।
9. तनय कौशिक (2023 बैच)
तनय कौशिक रायगढ़ वनमंडल में उप वनमंडलाधिकारी के रूप में पदस्थ थे। अब उन्हें वन उप संरक्षक (प्रादेशिक), मुंगेली की जिम्मेदारी दी गई है।
छत्तीसगढ़ वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग
छत्तीसगढ़ शासन की आधिकारिक वेबसाइट
वन विभाग में जिम्मेदारियों का बड़ा फेरबदल
IFS ट्रांसफर में राज्य के कई महत्वपूर्ण वन क्षेत्रों को शामिल किया गया है। खास तौर पर टाइगर रिजर्व और राष्ट्रीय उद्यानों में अधिकारियों की नई तैनाती से वन प्रशासन की जिम्मेदारियों में बदलाव हुआ है। गुरु घासीदास टाइगर रिजर्व, अचानकमार टाइगर रिजर्व और इंद्रावती टाइगर रिजर्व जैसे क्षेत्रों में नई जिम्मेदारियां तय की गई हैं।
आदेश में यह भी उल्लेख है कि सुश्री रत्नाली मंडावी, जो प्रभारी मुख्य वन संरक्षक (वन्य प्राणी) एवं क्षेत्र निदेशक, इंद्रावती टाइगर रिजर्व, जगदलपुर तथा अतिरिक्त प्रभार मुख्य वन संरक्षक (प्रादेशिक), जगदलपुर की जिम्मेदारी संभाल रही हैं, विभागीय आदेश के अनुसार श्री उत्तम कुमार गुहा के कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से प्रभारी मुख्य वन संरक्षक (प्रादेशिक), जगदलपुर के अतिरिक्त प्रभार से मुक्त होंगी।
प्रशासनिक व्यवस्था में बदलाव
IFS ट्रांसफर को वन विभाग की प्रशासनिक व्यवस्था में महत्वपूर्ण बदलाव माना जा रहा है। नई पोस्टिंग के तहत अधिकारियों को अलग-अलग वन मंडलों, टाइगर रिजर्व और राष्ट्रीय उद्यानों की जिम्मेदारी दी गई है। विभाग ने आदेश में स्पष्ट किया है कि सभी पदस्थापनाएं आगामी आदेश तक अस्थायी रूप से प्रभावी रहेंगी।
नई जिम्मेदारी मिलने के बाद अधिकारियों के सामने वन संरक्षण, वन्यजीव प्रबंधन और संबंधित क्षेत्रों के प्रशासन को बेहतर तरीके से संभालने की चुनौती होगी। आने वाले दिनों में इन नई पदस्थापनाओं के बाद वन विभाग की कार्यप्रणाली में क्या बदलाव दिखाई देता है, यह देखने वाली बात होगी।
