बिलासपुर। शहर के खपरगंज इलाके में दो पक्षों के बीच हुए विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। मारपीट के बाद दोनों पक्षों की ओर से जमकर पथराव किया गया, जिसमें कई लोग घायल हो गए। घटना के बाद इलाके में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
कैसे शुरू हुआ विवाद
पुलिस के मुताबिक, दोनों पक्षों के बीच किसी बात को लेकर विवाद शुरू हुआ। कहासुनी और गाली-गलौज के बाद मामला मारपीट तक पहुंच गया, जिसके बाद दोनों तरफ से पथराव शुरू हो गया। इस दौरान क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और दोनों पक्षों की ओर से नारेबाजी भी की गई।

घायलों की संख्या और स्थिति
घटना में कई लोगों के घायल होने की जानकारी सामने आई है। पुलिस घायलों की सही संख्या और उनकी स्थिति की पुष्टि करने में जुटी है।
पुलिस-प्रशासन की कार्रवाई
- सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और हालात को नियंत्रित करने का प्रयास शुरू किया।
- मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी रजनेश सिंह खुद मौके पर पहुंचे और मोर्चा संभाला।
- इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।
- कलेक्टर संजय अग्रवाल ने कहा कि बिलासपुर भाईचारे का शहर है और शांति भंग करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि स्थिति फिलहाल नियंत्रण में है और जिला प्रशासन व पुलिस संयुक्त रूप से मामला संभाल रहे हैं।
जांच की दिशा
पुलिस अब विवाद की वजह, पथराव में शामिल लोगों और घटना के पीछे जिम्मेदार लोगों की पहचान करने में जुटी है। घटनास्थल से जुड़े मोबाइल वीडियो और अन्य सबूतों को खंगाला जा रहा है। एसएसपी रजनेश सिंह ने कहा कि दोषियों की पहचान कर उन्हें जल्द गिरफ्तार किया जाएगा और कानून-व्यवस्था बिगाड़ने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी।
हिंदूवादी संगठन का आरोप
हिंदूवादी संगठन के नेता ठाकुर राम सिंह ने आरोप लगाया कि रक्षाबंधन के बाद घर लौट रहे हिंदू युवकों पर खपरगंज में पथराव और मारपीट की गई। उन्होंने कहा कि हर नागरिक को किसी भी गली-सड़क से गुजरने का अधिकार है और सवाल उठाया कि क्या क्षेत्र में जानबूझकर सांप्रदायिक भय का माहौल बनाया जा रहा है। उन्होंने दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की।
फिलहाल स्थिति
घटना के बाद खपरगंज में पुलिस की मौजूदगी बनी हुई है और एहतियात के तौर पर क्षेत्र में बल तैनात रखा गया है। पुलिस का कहना है कि स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन जांच जारी है। विवाद की असली वजह और पथराव में शामिल लोगों की पहचान जल्द सामने आने की उम्मीद है।
