छत्तीसगढ़ में बारिश : मानसून एक्टिव, आज कई जिलों में तेज बारिश और बिजली गिरने का अलर्ट

छत्तीसगढ़ में बारिश का दौर

छत्तीसगढ़ में बारिश का दौर जारी है। रायपुर समेत कई जिलों में आज हल्की से तेज बारिश और बिजली गिरने की संभावना है। अगले 2 दिन मौसम ऐसा ही रहेगा।

रायपुर. छत्तीसगढ़ में बारिश का दौर अभी थमता नजर नहीं आ रहा है। प्रदेश में मानसून एक बार फिर सक्रिय है और मौसम विभाग ने 19 अगस्त को कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ जगहों पर तेज बारिश की संभावना जताई है। कुछ इलाकों में गरज-चमक के साथ बिजली गिरने का खतरा भी बताया गया है। अगले दो दिनों तक प्रदेश में मौसम का मिजाज इसी तरह बने रहने का अनुमान है।

राजधानी रायपुर समेत प्रदेश के कई हिस्सों में पिछले कुछ दिनों से रुक-रुककर बारिश हो रही है। रायपुर में लगातार तीसरे दिन भी बारिश का असर देखने को मिला।

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आसमान में बादल छाए हुए हैं और कई इलाकों में बारिश के दौर जारी हैं। मौसम में बदलाव की मुख्य वजह झारखंड और उससे लगे पश्चिम बंगाल के उत्तरी हिस्सों में बना डिप्रेशन सिस्टम बताया जा रहा है। मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक यह सिस्टम पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ रहा है। अगले 24 घंटे में इसके झारखंड और बिहार की ओर बढ़ने तथा धीरे-धीरे कमजोर होकर वेल मार्क्ड लो प्रेशर एरिया में बदलने की संभावना है। हालांकि, इसके कमजोर होने के बाद भी इसका असर कुछ समय तक छत्तीसगढ़ के मौसम पर दिखाई दे सकता है।

छत्तीसगढ़ में बारिश का दौर क्यों जारी है?

छत्तीसगढ़ में बारिश के पीछे इस समय कई मौसमी सिस्टम एक साथ सक्रिय हैं। मौसम विभाग के अनुसार झारखंड और उससे लगे पश्चिम बंगाल के उत्तरी हिस्सों में बना डिप्रेशन पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ रहा है। इसी सिस्टम का असर प्रदेश में बादल और बारिश के रूप में दिखाई दे रहा है।

छत्तीसगढ़ में बारिश का असर

इसके अलावा मानसून ट्रफ भी सक्रिय है। पूर्वी उत्तर प्रदेश और आसपास के क्षेत्रों में ऊपरी हवा का साइक्लोनिक सर्कुलेशन बना हुआ है। इन मौसमी परिस्थितियों के कारण प्रदेश में नमी पहुंच रही है और कई इलाकों में बादल बनने के साथ बारिश हो रही है।

पिछले 24 घंटे के दौरान उत्तर और मध्य छत्तीसगढ़ में ज्यादातर जगहों पर बारिश दर्ज की गई। कई इलाकों में हल्की बारिश हुई तो कुछ स्थानों पर बारिश के दौर अपेक्षाकृत तेज रहे। मौसम का असर तापमान पर भी पड़ा है। अधिकतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज किया गया।

बारिश और बादलों की वजह से दिन के तापमान में भी गिरावट देखने को मिल रही है। लगातार बारिश वाले इलाकों में लोगों को गर्मी से राहत मिली है। हालांकि, जलभराव वाले क्षेत्रों में लोगों की परेशानी बढ़ सकती है।

आज कई जिलों में बारिश की संभावना

19 अगस्त को छत्तीसगढ़ में बारिश का सिलसिला जारी रहने का अनुमान है। मौसम विभाग ने प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई है। कुछ जगहों पर तेज बारिश भी हो सकती है।

मौसम विभाग का अनुमान है कि बारिश का असर पूरे प्रदेश में एक जैसा नहीं रहेगा। कुछ इलाकों में बादल छाए रहने के साथ हल्की बारिश हो सकती है, जबकि कुछ स्थानों पर बारिश के एक या दो तेज दौर देखने को मिल सकते हैं।

गरज-चमक वाले मौसम के दौरान बिजली गिरने का खतरा भी बना रहेगा। ऐसे में बारिश के समय खुले मैदान, खेत, पेड़ के नीचे या बिजली के खंभों के आसपास खड़े होने से बचना जरूरी है।

खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को मौसम बदलने पर सावधानी बरतनी होगी। खेती-किसानी के काम के दौरान अचानक गरज-चमक शुरू होने पर खुले स्थान से सुरक्षित जगह पर जाना बेहतर रहेगा।

अगले दो दिन भी बदला रहेगा मौसम

मौसम विभाग के अनुसार अगले दो दिनों तक छत्तीसगढ़ में बारिश का असर बना रह सकता है। इस दौरान प्रदेश के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश होने का अनुमान है।

बारिश के साथ कुछ स्थानों पर गरज-चमक भी हो सकती है। बिजली गिरने की संभावना को देखते हुए लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है।

हालांकि, हर जिले में भारी बारिश होगी, ऐसा अनुमान नहीं है। मौसम सिस्टम की स्थिति और उसके आगे बढ़ने की दिशा के आधार पर बारिश का असर अलग-अलग इलाकों में कम या ज्यादा हो सकता है।

छत्तीसगढ़ में बारिश का असर

यानी आने वाले दो दिन प्रदेश में पूरी तरह साफ मौसम के नहीं हैं। बादल, बारिश और कुछ स्थानों पर गरज-चमक का दौर जारी रहने की संभावना है।

झारखंड का डिप्रेशन अब कमजोर होगा

इस समय मौसम की सबसे महत्वपूर्ण वजह झारखंड और उससे लगे पश्चिम बंगाल के उत्तरी हिस्सों में बना डिप्रेशन है। मौसम विभाग के मुताबिक यह सिस्टम लगातार पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ रहा है।

अगले 24 घंटे में इसके झारखंड और बिहार से होते हुए आगे बढ़ने की संभावना है। आगे बढ़ने के साथ यह सिस्टम कमजोर हो सकता है और वेल मार्क्ड लो प्रेशर एरिया में बदल सकता है।

सिस्टम के कमजोर होने का मतलब यह नहीं है कि प्रदेश में तुरंत बारिश पूरी तरह बंद हो जाएगी। इसके प्रभाव के साथ-साथ मानसून ट्रफ और दूसरे मौसमी सिस्टम भी सक्रिय हैं। इसलिए छत्तीसगढ़ में बारिश अगले कुछ समय तक अलग-अलग हिस्सों में जारी रह सकती है।

बारिश का असर कब और कितना रहेगा, यह सिस्टम की आगे की स्थिति पर निर्भर करेगा। मौसम विभाग लगातार इसकी निगरानी कर रहा है।

छत्तीसगढ़ में बारिश : मानसून ट्रफ भी सक्रिय

डिप्रेशन के अलावा मानसून ट्रफ की सक्रियता भी प्रदेश के मौसम के लिए महत्वपूर्ण है। मानसून के दौरान ट्रफ की स्थिति में बदलाव से बारिश का असर अलग-अलग क्षेत्रों में बढ़ता या घटता रहता है।

अभी ट्रफ सक्रिय होने के कारण प्रदेश में नमी बनी हुई है। इसी वजह से कई इलाकों में बादल बने हुए हैं और बारिश के लिए मौसम अनुकूल है।

पूर्वी उत्तर प्रदेश और आसपास के क्षेत्रों में बना ऊपरी हवा का साइक्लोनिक सर्कुलेशन भी मौसम को प्रभावित कर रहा है। इन सभी परिस्थितियों का असर मिलकर छत्तीसगढ़ के कई हिस्सों में दिखाई दे रहा है।

यही कारण है कि प्रदेश में एक साथ कई जगहों पर बारिश का मौसम बना हुआ है।

भारत मौसम विज्ञान विभाग की छत्तीसगढ़ मौसम चेतावनी देखें

रायपुर में लगातार तीसरे दिन बारिश

राजधानी रायपुर में पिछले तीन दिनों से बारिश का दौर जारी है। शहर के कई इलाकों में बादल छाए हुए हैं और रुक-रुककर बारिश हो रही है।

19 अगस्त को भी रायपुर में आसमान में बादल छाए रहने की संभावना है। शहर में कुछ दौर में बारिश या गरज-चमक हो सकती है।

मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक रायपुर में अधिकतम तापमान करीब 30 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान लगभग 24 डिग्री सेल्सियस रह सकता है।

लगातार बारिश के कारण राजधानी के मौसम में ठंडक बनी हुई है। दिन में भी तापमान सामान्य दिनों की तुलना में कम महसूस हो रहा है।

बारिश के दौरान शहर में सड़क पर निकलने वाले लोगों को भी सावधानी रखने की जरूरत है। खासकर उन इलाकों में जहां बारिश के बाद पानी जमा होने की समस्या रहती है, वहां वाहन चालकों को धीमी गति से चलना चाहिए।

बिलासपुर में सबसे ज्यादा तापमान 28 डिग्री

प्रदेश में बुधवार को सबसे ज्यादा अधिकतम तापमान बिलासपुर में 28 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं सबसे कम न्यूनतम तापमान दुर्ग में 21.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।

तापमान में यह अंतर बताता है कि प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में मौसम का असर अलग तरह से दिखाई दे रहा है। कहीं बादलों और बारिश के कारण दिन का तापमान कम है तो कुछ जगहों पर तापमान अपेक्षाकृत ज्यादा बना हुआ है।

आने वाले दिनों में बारिश के कारण तापमान में बहुत बड़ी बढ़ोतरी की संभावना कम है। बादल और नमी बने रहने से मौसम सुहावना रह सकता है।

हालांकि, बारिश के बीच उमस भी महसूस हो सकती है। बारिश रुकने के बाद वातावरण में नमी बढ़ने से कई जगहों पर उमस का असर दिखाई दे सकता है।

किसानों के लिए भी महत्वपूर्ण है मौसम

छत्तीसगढ़ में बारिश का असर खेती-किसानी पर भी पड़ रहा है। प्रदेश के ग्रामीण इलाकों में इस समय बारिश किसानों के लिए काफी महत्वपूर्ण है। खरीफ फसलों के लिए पानी की जरूरत होती है और मानसून की बारिश से खेतों में नमी बनी रहती है।

जहां बारिश कम हुई है, वहां यह बारिश राहत दे सकती है। वहीं जिन इलाकों में पहले से पर्याप्त पानी गिर चुका है, वहां लगातार बारिश से खेतों में पानी जमा होने की समस्या भी हो सकती है।

छत्तीसगढ़ में बारिश का असर खेती-किसानी पर

किसानों को मौसम का स्थानीय पूर्वानुमान देखकर ही खेती से जुड़े जरूरी काम करने चाहिए। गरज-चमक के दौरान खेत में काम करने से बचना ज्यादा सुरक्षित रहेगा।

बिजली गिरने का खतरा होने पर पेड़ के नीचे खड़े होना भी सुरक्षित नहीं माना जाता। खुले खेतों में काम कर रहे लोगों को मौसम अचानक खराब होने पर जल्द से जल्द सुरक्षित स्थान पर पहुंचना चाहिए।

बिजली गिरने की संभावना को लेकर सावधानी जरूरी

मौसम विभाग ने कुछ जगहों पर गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की संभावना जताई है। ऐसे मौसम को हल्के में नहीं लेना चाहिए।

बारिश के समय यदि तेज गरज सुनाई दे या आसमान में बिजली चमकती दिखाई दे तो लोगों को खुले स्थान से हट जाना चाहिए। खेत, मैदान, तालाब, नदी या खुले इलाके में मौजूद लोग सुरक्षित भवन की ओर जा सकते हैं।

पेड़ के नीचे खड़ा होना भी सही नहीं है। बिजली गिरने के दौरान ऊंचे पेड़ और खुले स्थान जोखिम बढ़ा सकते हैं।

घर में रहने वाले लोगों को भी सावधानी रखनी चाहिए। अनावश्यक रूप से खुले स्थान पर जाने से बचना बेहतर होगा।

क्या पूरे प्रदेश में भारी बारिश होगी?

यह सवाल इस समय सबसे ज्यादा पूछा जा रहा है कि क्या पूरे छत्तीसगढ़ में भारी बारिश होगी? मौसम विभाग के अनुमान के अनुसार ऐसा नहीं है कि हर जिले में भारी बारिश होगी।

प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है। कुछ स्थानों पर तेज बारिश हो सकती है। यानी बारिश का असर जगह के हिसाब से अलग-अलग रह सकता है।

मौसम सिस्टम की स्थिति बदलने के साथ बारिश का क्षेत्र भी बदल सकता है। इसलिए किसी एक शहर में बारिश होने का मतलब यह नहीं है कि पूरे प्रदेश में उसी समय तेज बारिश होगी।

स्थानीय मौसम पूर्वानुमान को ध्यान में रखकर ही लोगों को अपनी गतिविधियों की योजना बनानी चाहिए।

छत्तीसगढ़ में बारिश : शहरों में बढ़ सकती है परेशानी

लगातार छत्तीसगढ़ में बारिश होने से शहरी क्षेत्रों में जलभराव की समस्या सामने आ सकती है। खासकर निचले इलाकों में बारिश का पानी जमा होने की संभावना रहती है।

नालियों और पानी निकासी की व्यवस्था कमजोर होने वाले इलाकों में थोड़ी देर की तेज बारिश भी परेशानी पैदा कर सकती है।

रायपुर जैसे बड़े शहरों में बारिश के दौरान यातायात की रफ्तार भी प्रभावित हो सकती है। सड़क पर पानी भरने से वाहन चालकों को परेशानी होती है और दुर्घटना का खतरा बढ़ सकता है।

ऐसे में बारिश के दौरान वाहन चलाते समय जल्दबाजी नहीं करनी चाहिए। सामने चल रहे वाहन से पर्याप्त दूरी रखना और पानी भरी सड़क पर धीमी गति से चलना बेहतर रहेगा।

मौसम विभाग की नजर सिस्टम पर

मौसम विभाग की नजर झारखंड से आगे बढ़ रहे डिप्रेशन सिस्टम पर बनी हुई है। सिस्टम की दिशा और उसकी ताकत में बदलाव के आधार पर प्रदेश में बारिश की स्थिति भी बदल सकती है।

फिलहाल सिस्टम के कमजोर होने की संभावना जताई गई है। इसके बावजूद मानसून ट्रफ और अन्य मौसमी परिस्थितियों के कारण प्रदेश में बारिश जारी रहने का अनुमान है।

इसलिए अगले दो दिन मौसम को लेकर पूरी तरह राहत की स्थिति नहीं है। कई इलाकों में बारिश और गरज-चमक का दौर जारी रह सकता है।

लोगों को मौसम विभाग की ओर से जारी स्थानीय चेतावनियों पर नजर रखनी चाहिए।

तापमान में ज्यादा बढ़ोतरी के आसार कम

बारिश और बादलों के कारण प्रदेश में तापमान पर भी असर पड़ रहा है। लगातार बादल रहने से धूप का असर कम हो जाता है और दिन का तापमान ज्यादा ऊपर नहीं जाता।

रायपुर में अधिकतम तापमान करीब 30 डिग्री और न्यूनतम तापमान करीब 24 डिग्री रहने का अनुमान है। वहीं बिलासपुर में बुधवार को अधिकतम तापमान 28 डिग्री दर्ज किया गया।

दुर्ग में न्यूनतम तापमान 21.6 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। बारिश और बादलों के बीच रात के तापमान में भी ज्यादा बढ़ोतरी नहीं हुई है।

आने वाले दिनों में मौसम साफ होने पर तापमान में बदलाव हो सकता है। फिलहाल बारिश के कारण कई हिस्सों में गर्मी से राहत बनी हुई है।

लोगों को क्या सावधानी रखनी चाहिए?

छत्तीसगढ़ में बारिश के दौरान आम लोगों को कुछ जरूरी सावधानियां रखनी चाहिए। सबसे पहले तेज बारिश और बिजली चमकने के दौरान खुले स्थानों पर जाने से बचना चाहिए।

अगर जरूरी काम से बाहर निकलना हो तो मौसम की स्थिति देखकर ही निकलें। सड़क पर पानी भरा हो तो उसकी गहराई का अंदाजा लगाए बिना वाहन लेकर आगे न बढ़ें।

बिजली गिरने की आशंका के दौरान पेड़, बिजली के खंभे और खुले मैदान से दूरी बनाए रखना जरूरी है।

ग्रामीण क्षेत्रों में खेतों में काम करने वाले लोगों को विशेष सावधानी रखनी चाहिए। गरज-चमक शुरू होने पर खेत में काम रोककर सुरक्षित स्थान पर जाना बेहतर रहेगा।

बच्चों को भी बारिश के दौरान नदी, नाले और तालाब के आसपास जाने से रोकना चाहिए। लगातार बारिश के बाद जलस्तर अचानक बढ़ सकता है।

अगले 48 घंटे कैसे रहेंगे?

अगले 48 घंटे प्रदेश के लिए मौसम की दृष्टि से महत्वपूर्ण रहेंगे। मौसम विभाग ने कई जगहों पर हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई है।

कुछ स्थानों पर तेज बारिश और गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की स्थिति बन सकती है। हालांकि, बारिश की तीव्रता सभी क्षेत्रों में समान नहीं रहेगी।

झारखंड का डिप्रेशन आगे बढ़कर कमजोर हो सकता है। इसके साथ ही मानसून ट्रफ और ऊपरी हवा का सर्कुलेशन प्रदेश के मौसम को प्रभावित करता रहेगा।

इस वजह से छत्तीसगढ़ में बारिश का दौर पूरी तरह खत्म होने के बजाय कुछ समय तक अलग-अलग इलाकों में जारी रहने की संभावना है।

फिलहाल राहत और सावधानी दोनों जरूरी

प्रदेश में हो रही बारिश ने गर्मी से राहत जरूर दी है। किसानों के लिए भी कई इलाकों में यह बारिश उपयोगी साबित हो सकती है। लेकिन तेज बारिश और बिजली गिरने की संभावना को देखते हुए सावधानी जरूरी है।

रायपुर में पिछले तीन दिनों से बारिश हो रही है। उत्तर और मध्य हिस्सों में भी पिछले 24 घंटे के दौरान कई जगह बारिश दर्ज की गई है।

मौसम विभाग के मुताबिक 19 अगस्त को प्रदेश में कई जगहों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। कुछ स्थानों पर तेज बारिश और गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की संभावना भी बनी हुई है।

अगले दो दिनों में भी मौसम का मिजाज बदला हुआ रहने का अनुमान है। झारखंड में बना डिप्रेशन आगे बढ़कर कमजोर होगा, लेकिन मानसून ट्रफ और दूसरे मौसमी सिस्टम के कारण प्रदेश में बारिश का असर बना रह सकता है।

इसलिए फिलहाल लोगों को मौसम को लेकर सतर्क रहने की जरूरत है। खासकर बिजली गिरने की चेतावनी वाले क्षेत्रों में खुले स्थानों पर जाने से बचना चाहिए।

यानि छत्तीसगढ़ में बारिश का दौर अभी जारी रहने वाला है। राजधानी रायपुर समेत कई जिलों में बादल और बारिश देखने को मिल सकती है। अगले दो दिनों में भी मौसम पूरी तरह साफ होने की उम्मीद कम है। कुछ इलाकों में तेज बारिश के साथ गरज-चमक और बिजली गिरने का खतरा रहेगा। मौसम विभाग की चेतावनी को देखते हुए लोगों को सावधानी बरतनी चाहिए और स्थानीय मौसम अपडेट पर नजर रखनी चाहिए।

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