रायपुर। छत्तीसगढ़ के स्कूल शिक्षा विभाग ने एक बार फिर बड़े पैमाने पर प्रशासनिक फेरबदल करते हुए संयुक्त संचालक स्तर से लेकर जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) और प्राचार्य स्तर तक के अधिकारियों के तबादले और नई पदस्थापना के आदेश जारी किए हैं। विभाग की ओर से जारी इस आदेश ने राज्य के शिक्षा प्रशासनिक ढांचे में हलचल मचा दी है, क्योंकि इसमें एक साथ कई संभागों और जिलों के महत्वपूर्ण पदों पर बदलाव किया गया है। यह फेरबदल ऐसे समय में हुआ है जब नया शैक्षणिक सत्र प्रगति पर है और जिलों में शिक्षा व्यवस्था से जुड़े कई प्रशासनिक निर्णय लंबित बताए जा रहे हैं।

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बिलासपुर और सरगुजा संभाग में स्कूल शिक्षा विभाग का सबसे बड़ा बदलाव
स्कूल शिक्षा विभाग में फेरबदल का सबसे चर्चित और महत्वपूर्ण पहलू बिलासपुर और सरगुजा संभाग के संयुक्त संचालकों की अदला-बदली है। आदेश के मुताबिक, राजेश सिंह, जो अब तक बिलासपुर स्थित संभागीय संयुक्त संचालक कार्यालय में प्राचार्य एवं प्रभारी उप संचालक के पद पर कार्यरत थे, उन्हें अब संभागीय संयुक्त संचालक शिक्षा, सरगुजा के पद पर पदस्थ किया गया है। उन्हें संयुक्त संचालक सरगुजा का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि विभाग उन्हें एक साथ दो महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां देकर सरगुजा संभाग की प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करना चाहता है।
“क्रॉस पोस्टिंग”
वहीं दूसरी ओर, अश्वनी भारद्वाज, जो सरगुजा संभागीय कार्यालय में प्राचार्य एवं प्रभारी उप संचालक के पद पर तैनात थे, उन्हें अब संभागीय संयुक्त संचालक शिक्षा, बिलासपुर के पद पर नियुक्त किया गया है। इस तरह दोनों अधिकारियों की आपस में सीधी अदला-बदली की गई है, जो प्रशासनिक भाषा में “क्रॉस पोस्टिंग” कहलाती है। विभागीय जानकारों का मानना है कि इस तरह की अदला-बदली अक्सर प्रशासनिक संतुलन बनाए रखने और लंबे समय से एक ही स्थान पर पदस्थ अधिकारियों को नई जिम्मेदारी देने के उद्देश्य से की जाती है।
जांजगीर-चांपा और सूरजपुर में भी बदलाव
जिला स्तर पर नजर डालें तो जांजगीर-चांपा और सूरजपुर जिलों में भी जिला शिक्षा अधिकारियों की जिम्मेदारी बदल दी गई है। एके सिन्हा, जो अब तक जांजगीर-चांपा में प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी के पद पर कार्यरत थे, उन्हें अब सूरजपुर जिले का प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी बनाया गया है। उनकी जगह जांजगीर-चांपा जिले की जिम्मेदारी मनोहर प्रताप सिंह को सौंपी गई है, जो इससे पहले शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय खिसोरा, जांजगीर-चांपा में प्राचार्य के पद पर कार्यरत थे। यह नियुक्ति दर्शाती है कि विभाग जिलों के भीतर से ही प्राचार्यों को प्रभार देकर प्रशासनिक रिक्तियों को भर रहा है, बजाय बाहर से नई नियुक्तियां करने के।
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दुर्ग जिले में नई नियुक्ति
दुर्ग जिले में जगजीत धीर को जिला शिक्षा अधिकारी के पद पर नियुक्त किया गया है। इससे पहले वे लोक शिक्षण संचालनालय, रायपुर में प्राचार्य एवं सहायक संचालक के पद पर कार्यरत थे। संचालनालय स्तर से सीधे जिला स्तर पर भेजा जाना यह संकेत देता है कि विभाग दुर्ग जैसे महत्वपूर्ण और बड़े जिले में अनुभवी अधिकारी की नियुक्ति को प्राथमिकता दे रहा है।
मुंगेली में जिम्मेदारी का हस्तांतरण
मुंगेली जिले में भी बड़ा बदलाव देखने को मिला है। एल.पी. डहीरे, जो अब तक मुंगेली में प्राचार्य एवं जिला शिक्षा अधिकारी के पद पर कार्यरत थे, उन्हें अब सहायक संचालक के रूप में संभागीय संयुक्त संचालक शिक्षा कार्यालय, बिलासपुर में पदस्थ किया गया है। उनके स्थान पर डॉ. मोहन लाल पटेल, जो शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय राजेंद्र नगर, बिलासपुर में प्राचार्य के पद पर कार्यरत थे, को मुंगेली जिले का प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी बनाया गया है।
बिलासपुर जिले में भी DEO बदले गए
बिलासपुर जिले में रामेश्वर जायसवाल, जो अब तक प्राचार्य एवं प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी के पद पर कार्यरत थे, उन्हें प्रतिनियुक्ति पर जिला समन्वयक, समग्र शिक्षा, जांजगीर-चांपा के पद पर भेजा गया है। यह नियुक्ति महत्वपूर्ण है क्योंकि समग्र शिक्षा अभियान केंद्र और राज्य सरकार की प्रमुख योजनाओं में से एक है, जिसके तहत स्कूली शिक्षा से जुड़े कई महत्वपूर्ण कार्यक्रम संचालित होते हैं। उनकी जगह बिलासपुर जिले में संदीप कुमार पांडे को प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी बनाया गया है, जो इससे पहले कोरबा जिले के करतला विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय में प्राचार्य के पद पर कार्यरत थे।
अन्य जिलों में भी प्रभार व्यवस्था लागू
खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले में उपेंद्र कुमार देवांगन को प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी बनाया गया है। इससे पहले वे अंबागढ़ चौकी स्थित शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला विचारपुर में प्राचार्य के पद पर कार्यरत थे। इसी तरह बलौदाबाजार-भाटापारा जिले में शिव कुमार गेंदले को प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी नियुक्त किया गया है, जो मुंगेली विकासखंड के धरमपुर स्थित शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला में प्राचार्य थे।
मोहला-मानपुर जिले में भी बड़ा प्रशासनिक बदलाव हुआ है। पुरुषोत्तम लाल साहू, जो मोहला-मानपुर स्थित शासकीय कन्या शिक्षा परिसर में प्राचार्य के पद पर कार्यरत थे, उन्हें अब जिले का प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी बनाया गया है। वहीं मौजूदा प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी योगदास साहू को प्रतिनियुक्ति पर जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (DIET), खैरागढ़-छुईखदान-गंडई का प्राचार्य नियुक्त किया गया है। DIET जैसे प्रशिक्षण संस्थानों में प्राचार्य पद पर नियुक्ति यह दर्शाती है कि विभाग शिक्षक प्रशिक्षण व्यवस्था को भी मजबूत करने पर ध्यान दे रहा है।
फेरबदल का व्यापक असर
विभागीय सूत्रों के अनुसार, स्कूल शिक्षा विभाग में इस तरह के बड़े पैमाने पर किए गए फेरबदल आमतौर पर प्रशासनिक जरूरतों, रिक्त पदों को भरने और कार्यकुशलता बढ़ाने के उद्देश्य से किए जाते हैं। एक साथ इतने सारे जिलों और दो संभागों में बदलाव होने से आने वाले दिनों में स्कूली शिक्षा व्यवस्था के रोजमर्रा के कामकाज पर इसका सीधा असर पड़ने की संभावना है। नए अधिकारियों को अपने-अपने जिलों और संभागों में लंबित कार्यों, शिक्षक भर्ती, स्कूलों के निरीक्षण, मध्याह्न भोजन योजना और अन्य शैक्षणिक गतिविधियों की समीक्षा करनी होगी।
शिक्षा विभाग से जुड़े जानकारों का कहना है कि इस तरह के फेरबदल के बाद शुरुआती कुछ हफ्तों में प्रशासनिक कामकाज में हल्की सुस्ती आ सकती है, क्योंकि नए अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्र और जिम्मेदारियों को समझने में समय लगता है। हालांकि दीर्घकालिक रूप से इस तरह के बदलाव प्रशासनिक व्यवस्था को नई ऊर्जा और दिशा देने में मददगार साबित होते हैं। अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि नई पदस्थापना के बाद संबंधित जिलों और संभागों में शिक्षा व्यवस्था में किस तरह के सुधार देखने को मिलते हैं।

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