CM विष्णुदेव साय
CM विष्णुदेव साय

CM विष्णुदेव साय ने डिप्टी कलेक्टरों से मुलाकात में जनता से विनम्र संवाद और सुशासन के साथ काम करने की सलाह दी। पढ़ें पूरी खबर।

रायपुर। CM विष्णुदेव साय ने साफ शब्दों में कहा है कि किसी भी अधिकारी की असली पहचान उसके पद, कुर्सी या अधिकारों से नहीं बल्कि जनता के प्रति उसके व्यवहार से बनती है। उन्होंने प्रशिक्षु डिप्टी कलेक्टरों से मुलाकात के दौरान कहा कि प्रशासनिक सेवा केवल आदेश देने का माध्यम नहीं है, बल्कि लोगों की समस्याओं को समझने, उनका समाधान करने और सरकार तथा जनता के बीच भरोसे का मजबूत पुल बनने की जिम्मेदारी भी है।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को नसीहत दी कि सरकारी कार्यालय में आने वाला हर व्यक्ति उम्मीद लेकर आता है। ऐसे में उसकी बात को गंभीरता से सुनना, सम्मान देना और यथासंभव त्वरित समाधान करना ही एक अच्छे प्रशासनिक अधिकारी की पहचान है। उन्होंने कहा कि जनता का विश्वास जीतना किसी भी अधिकारी की सबसे बड़ी उपलब्धि होती है।

CM विष्णुदेव साय ने दिया जनसेवा का मंत्र

CM विष्णुदेव साय ने कहा कि प्रशासनिक सेवा को केवल सरकारी नौकरी समझने की भूल नहीं करनी चाहिए। यह ऐसा दायित्व है जिसमें लाखों लोगों के जीवन को बेहतर बनाने का अवसर मिलता है। एक अधिकारी का हर निर्णय सीधे समाज और आम नागरिक के जीवन को प्रभावित करता है।

उन्होंने कहा कि सरकार की योजनाएं तभी सफल मानी जाएंगी जब उनका लाभ वास्तव में जरूरतमंद लोगों तक पहुंचे। इसके लिए अधिकारियों को केवल फाइलों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि जमीन पर जाकर वास्तविक स्थिति को समझना होगा।

जनता का विश्वास जीतना सबसे बड़ी उपलब्धि

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज के समय में लोग प्रशासन से तेज, पारदर्शी और संवेदनशील व्यवस्था की उम्मीद करते हैं। यदि अधिकारी ईमानदारी और संवेदनशीलता के साथ काम करेंगे तो लोगों का भरोसा स्वतः बढ़ेगा।

उन्होंने प्रशिक्षु अधिकारियों से कहा कि किसी भी व्यक्ति के साथ उसके सामाजिक, आर्थिक या राजनीतिक आधार पर भेदभाव नहीं होना चाहिए। हर नागरिक को समान सम्मान और न्याय मिलना चाहिए।

CM विष्णुदेव साय ने कहा कि जनता जब किसी अधिकारी को याद करे तो उसके पद के कारण नहीं बल्कि उसके अच्छे कार्यों और व्यवहार के कारण करे।

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CM विष्णुदेव साय ने विनम्र व्यवहार पर दिया विशेष जोर

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को याद दिलाया कि प्रशासनिक अधिकार मिलने का मतलब अहंकार नहीं बल्कि जिम्मेदारी बढ़ना है।

उन्होंने कहा कि अधिकारी चाहे जितने बड़े पद पर पहुंच जाएं, लेकिन उनका व्यवहार हमेशा सामान्य और सहज रहना चाहिए। कई बार एक मधुर शब्द भी किसी परेशान व्यक्ति के लिए बड़ी राहत बन जाता है।

उन्होंने अधिकारियों को सलाह दी कि कार्यालय में आने वाले प्रत्येक व्यक्ति से धैर्यपूर्वक बात करें। किसी भी शिकायत को छोटी या बड़ी मानकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

CM विष्णुदेव साय ने फील्ड विजिट को बताया जरूरी

CM विष्णुदेव साय ने कहा कि कार्यालय में बैठकर हर समस्या का सही आकलन नहीं किया जा सकता। इसके लिए गांवों, कस्बों और दूरस्थ इलाकों का नियमित दौरा जरूरी है।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे क्षेत्र भ्रमण को अपनी कार्यशैली का हिस्सा बनाएं। जब अधिकारी सीधे लोगों से मिलेंगे, तब उन्हें वास्तविक समस्याओं का पता चलेगा और समाधान भी तेजी से होगा।

सरकार की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे

मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार कई जनकल्याणकारी योजनाएं चला रही हैं। इन योजनाओं की सफलता इस बात पर निर्भर करती है कि उनका लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे।

उन्होंने अधिकारियों से कहा कि योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। पात्र लोगों को समय पर लाभ मिले, यह सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है।

तकनीक का करें बेहतर उपयोग

CM विष्णुदेव साय ने कहा कि डिजिटल युग में तकनीक प्रशासन को अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बना सकती है।

उन्होंने अधिकारियों को सलाह दी कि नई तकनीकों का उपयोग कर सरकारी सेवाओं को सरल, तेज और प्रभावी बनाया जाए। इससे लोगों को अनावश्यक कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।

ईमानदारी से समझौता नहीं

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रशासनिक सेवा में ईमानदारी सबसे बड़ा गुण है। अधिकारी यदि निष्पक्ष और पारदर्शी रहेंगे तो जनता का विश्वास कभी नहीं टूटेगा।

उन्होंने स्पष्ट किया कि भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के लिए प्रशासन में कोई स्थान नहीं होना चाहिए। हर निर्णय नियमों और कानून के अनुसार होना चाहिए।

नई पीढ़ी के अधिकारियों से बड़ी उम्मीद

CM विष्णुदेव साय ने कहा कि नई पीढ़ी के प्रशासनिक अधिकारी आधुनिक सोच, नई ऊर्जा और नई तकनीक के साथ काम कर सकते हैं। इससे प्रशासन में सकारात्मक बदलाव आएगा।

उन्होंने कहा कि आने वाले वर्षों में यही अधिकारी जिले, संभाग और राज्य के प्रशासन की कमान संभालेंगे। इसलिए अभी से सेवा भावना और जवाबदेही को अपनी पहचान बनाना जरूरी है।

जनता और सरकार के बीच मजबूत कड़ी

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रशासनिक अधिकारी सरकार और जनता के बीच सबसे महत्वपूर्ण कड़ी होते हैं। यदि अधिकारी ईमानदारी से काम करेंगे तो सरकार की नीतियों का लाभ सीधे लोगों तक पहुंचेगा।

उन्होंने कहा कि जनता की समस्याओं का समय पर समाधान ही सुशासन की सबसे बड़ी पहचान है।

मुख्यमंत्री का संदेश क्यों है महत्वपूर्ण?

विशेषज्ञों का मानना है कि प्रशासनिक सेवा में आने वाले युवा अधिकारियों के लिए इस प्रकार का मार्गदर्शन बेहद महत्वपूर्ण होता है। कानून का पालन जितना आवश्यक है, उतना ही जरूरी मानवीय संवेदनाएं भी हैं।

एक संवेदनशील अधिकारी न केवल सरकारी योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करता है, बल्कि जनता का विश्वास भी जीतता है। यही कारण है कि मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में बार-बार विनम्रता, संवाद और सेवा भावना पर जोर दिया।

जनता को क्या मिलेगा फायदा?

यदि नए अधिकारी मुख्यमंत्री की सीख को व्यवहार में उतारते हैं, तो आम नागरिकों को कई स्तरों पर लाभ मिल सकता है—

  • सरकारी कार्यालयों में बेहतर व्यवहार।
  • शिकायतों का तेजी से समाधान।
  • योजनाओं का पारदर्शी क्रियान्वयन।
  • भ्रष्टाचार और अनावश्यक देरी में कमी।
  • प्रशासन के प्रति लोगों का बढ़ता विश्वास।

CM विष्णुदेव साय का यह संदेश केवल प्रशिक्षु डिप्टी कलेक्टरों के लिए नहीं, बल्कि पूरे प्रशासनिक तंत्र के लिए एक महत्वपूर्ण मार्गदर्शन माना जा सकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अधिकारी की सबसे बड़ी ताकत उसका पद नहीं, बल्कि जनता का विश्वास है। यदि प्रशासन संवेदनशील, ईमानदार और जवाबदेह होगा तो सुशासन का लक्ष्य स्वतः पूरा होगा। यही संदेश छत्तीसगढ़ के प्रशासनिक भविष्य की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकता है।

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