डौण्डीलोहारा से महतारी वंदन की 31वीं किस्त का ऐलान, त्योहार से पहले मिलेगा सरकारी “राखी गिफ्ट”
रायपुर/बालोद। छत्तीसगढ़ की महिलाओं के लिए रक्षाबंधन का त्योहार इस बार दोहरी खुशियां लेकर आया है। एक तरफ भाई-बहन के प्रेम का पर्व नजदीक है, तो दूसरी तरफ राज्य सरकार ने महतारी वंदन योजना की 31वीं किस्त जारी करने का ऐलान करके प्रदेश की लाखों महिलाओं के चेहरे पर मुस्कान बिखेर दी है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज, 25 अगस्त को बालोद जिले के डौण्डीलोहारा स्थित लाल रघुवीर सिंह स्टेडियम में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम में इस किस्त की राशि जारी करेंगे। छत्तीसगढ़ शासन

चावल घोटाला: दुर्ग-भिलाई के 40 दुकानों में गायब हुआ गरीबों का निवाला ? मुख्य सचिव तक पहुंची शिकायत
खास बात यह है कि यह किस्त तय समय से पहले जारी की जा रही है। आमतौर पर सितंबर महीने की किस्त सितंबर में ही ट्रांसफर होती है, लेकिन इस बार रक्षाबंधन के त्योहार को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री ने इसे पहले भेजने का निर्णय लिया है, ताकि बहनों को त्योहार से पहले ही आर्थिक सहारा मिल सके।
महतारी वंदन योजना की 31वीं किस्त – 67 लाख 28 हजार से ज्यादा बहनों के खाते में पहुंचेगी रकम
इस बार की किस्त के तहत प्रदेशभर की कुल 67 लाख 28 हजार 918 महिला हितग्राहियों के बैंक खातों में सीधे पैसा ट्रांसफर किया जाएगा। इसके लिए सरकार ने 631 करोड़ 38 लाख 37 हजार 700 रुपए की भारी-भरकम राशि तय की है। यह रकम एक क्लिक के जरिए हितग्राहियों के खातों में पहुंच जाएगी, जिससे प्रदेश की करोड़ों बहनों को सीधा फायदा होगा।
गौरतलब है कि यह इस साल सितंबर माह में मिलने वाली किस्त है, जिसे रक्षाबंधन के मद्देनजर पहले ही जारी किया जा रहा है। सरकार का मानना है कि इससे बहनों को त्योहार की तैयारियों में आर्थिक मदद मिलेगी और वे बिना किसी तनाव के पर्व मना सकेंगी।
महतारी वंदन योजना – बिहान दीदियों और स्व-सहायता समूहों का भी होगा सम्मान
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का यह कार्यक्रम सिर्फ महतारी वंदन योजना की किस्त जारी करने तक सीमित नहीं है। डौण्डीलोहारा में आयोजित इस समारोह में बिहान दीदी एवं स्व-सहायता समूहों के सम्मान समारोह का भी आयोजन किया जा रहा है। यानी एक ही मंच से राज्य सरकार महिला सशक्तिकरण के दो बड़े कदमों को साथ लेकर आगे बढ़ रही है — एक तरफ सीधी नकद सहायता, तो दूसरी तरफ स्वरोजगार और समूह आधारित आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा।
छत्तीसगढ़ के स्कूली बच्चे अब पढ़ेंगे अपनी माटी की कहानी, तैयार हो रही देश की पहली आर्ट रिपोजिटरी
इस मौके पर मुख्यमंत्री खुद उपस्थित रहकर महिलाओं से संवाद करेंगे और उनकी उपलब्धियों को सराहेंगे। स्थानीय प्रशासन और सरकारी अमला इस कार्यक्रम की तैयारियों में जुटा हुआ है, ताकि बालोद जिले की धरती पर यह ऐतिहासिक पल यादगार बन सके।
हर महीने मिलने वाली रकम से बदल रही महिलाओं की तकदीर
महतारी वंदन योजना छत्तीसगढ़ सरकार की सबसे महत्वाकांक्षी योजनाओं में से एक है, जिसके तहत पात्र महिलाओं को हर महीने एक तय राशि सीधे उनके बैंक खातों में दी जाती है। सरकार का दावा है कि इस नियमित आर्थिक सहायता ने प्रदेश की महिलाओं की सामाजिक और आर्थिक स्थिति को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई है।
गांव-गांव, घर-घर पहुंच रही इस राशि का इस्तेमाल महिलाएं अलग-अलग तरीकों से कर रही हैं। कोई इसे घर की रोजमर्रा की जरूरतों में लगा रही है, तो कोई इसे स्वास्थ्य और पोषण से जुड़े खर्चों में खर्च कर रही है। वहीं एक बड़ा तबका ऐसा भी है जो इस राशि की बचत करते हुए अपनी बेटियों का भविष्य संवारने में जुटा है — कई महिलाएं इस पैसे को सुकन्या समृद्धि योजना जैसी दीर्घकालिक बचत योजनाओं में जमा कर रही हैं, ताकि आगे चलकर उनकी बेटियों की पढ़ाई और शादी में यह रकम काम आ सके।
अब तक 19 हजार करोड़ से ज्यादा की मदद, आंकड़ा गवाह है योजना की रफ्तार का
महतारी वंदन योजना शुरू होने के बाद से अब तक कुल 30 किस्तों में करीब 19,444 करोड़ रुपए की सहायता राशि प्रदेश की महिलाओं तक पहुंचाई जा चुकी है। यह आंकड़ा खुद बताता है कि यह योजना कितने बड़े पैमाने पर और कितनी नियमितता के साथ चलाई जा रही है। हर महीने बिना रुके, बिना थके यह रकम महिलाओं के खातों में पहुंचती है, जो अब उनकी मासिक आय का एक भरोसेमंद हिस्सा बन चुकी है।
सरकार का यह भी कहना है कि इस नियमित सहायता की वजह से महिलाएं अब छोटे-मोटे आर्थिक कामों में भी हाथ आजमा पा रही हैं। कुछ महिलाएं इस पैसे से छोटा व्यवसाय शुरू कर रही हैं, तो कुछ इसे घरेलू बचत के तौर पर इस्तेमाल कर रही हैं, जिससे परिवार की आर्थिक स्थिरता बढ़ रही है।
रक्षाबंधन से पहले क्यों खास है यह किस्त?
आमतौर पर योजना की किस्तें तय महीने में ही जारी होती हैं, लेकिन इस बार समय से पहले किस्त जारी करने का फैसला अपने आप में खास है। रक्षाबंधन का त्योहार बहन-भाई के अटूट रिश्ते का प्रतीक माना जाता है, और सरकार ने इस मौके को चुनकर एक तरह से पूरे प्रदेश की बहनों को “सरकारी राखी तोहफा” देने की कोशिश की है।
त्योहार से ठीक पहले खाते में पैसा आने से महिलाओं को राखी की खरीदारी, घर की साज-सज्जा और मिठाइयों जैसे खर्चों में आसानी होगी। ग्रामीण इलाकों की उन महिलाओं के लिए यह राशि खासतौर पर राहत भरी साबित होगी, जो सीमित संसाधनों में त्योहार मनाने की तैयारी कर रही हैं।
डौण्डीलोहारा का कार्यक्रम बनेगा गवाह
बालोद जिले का डौण्डीलोहारा आज एक बड़े सरकारी आयोजन का केंद्र बना हुआ है। लाल रघुवीर सिंह स्टेडियम में जुटने वाली भारी भीड़ के बीच मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय खुद इस पल के गवाह बनेंगे, जब एक क्लिक के जरिए प्रदेशभर की लाखों महिलाओं के खातों में करोड़ों रुपए की राशि पहुंचेगी। यह कार्यक्रम राज्य सरकार की महिला केंद्रित नीतियों की एक और मिसाल बनकर सामने आ रहा है।
कुल मिलाकर, रक्षाबंधन से ठीक पहले आई यह खबर प्रदेश की महिलाओं के लिए किसी सौगात से कम नहीं है। समय से पहले मिलने वाली यह आर्थिक सहायता न सिर्फ उनके त्योहार को खुशहाल बनाएगी, बल्कि उनकी आर्थिक आत्मनिर्भरता की दिशा में भी एक और मजबूत कदम साबित होगी।

2 thoughts on “रक्षाबंधन से पहले 67 लाख बहनों की झोली भरेंगे CM विष्णुदेव साय, खाते में उतरेंगे 631 करोड़!”