कोरबा। छत्तीसगढ़ में लगातार हो रही बारिश ने कई जिलों में हालात बिगाड़ दिए हैं। इसी कड़ी में कोरबा शहर से एक बड़ी और डरावनी घटना सामने आई है, जहां उफान पर आए दादर नाले को पार करने की कोशिश एक परिवार या दोस्तों के समूह के लिए जानलेवा साबित होते-होते बची। शनिवार सुबह नाला पार कर रही एक स्कॉर्पियो गाड़ी पानी के तेज बहाव में बह गई, हालांकि गनीमत रही कि गाड़ी सवार तीनों दोस्त समय रहते बाहर निकलने में कामयाब रहे और उनकी जान बच गई।
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मना करने के बावजूद पार कर रहे थे नाला
जानकारी के मुताबिक, दादर नाले में पानी का बहाव इतना तेज था कि आसपास मौजूद लोगों ने स्कॉर्पियो सवार तीनों दोस्तों को नाला पार न करने की सलाह दी थी। बावजूद इसके वे अपनी जिद पर अड़े रहे और गाड़ी लेकर नाले में उतर गए। नतीजा यह हुआ कि गाड़ी पानी के तेज बहाव में बीच रास्ते में ही फंस गई और देखते ही देखते डूबने लगी। हालांकि तीनों दोस्तों ने सूझबूझ दिखाते हुए तुरंत गाड़ी से बाहर निकलकर अपनी जान बचाई। घटना के करीब आधे घंटे बाद स्थानीय लोगों और प्रशासन की मदद से गाड़ी को भी पानी से बाहर निकाल लिया गया।

इस घटना के बाद प्रशासन ने सतर्कता बरतते हुए नाले के दोनों तरफ आवाजाही पूरी तरह बंद करा दी है, ताकि कोई और व्यक्ति इस तरह की लापरवाही न करे और किसी बड़े हादसे को टाला जा सके।
कई वार्डों में घुसा नाले का गंदा पानी
सिर्फ दादर नाले ही नहीं, बल्कि कोरबा जिले में लगातार हो रही बारिश के चलते शहर के कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई है। नगर निगम क्षेत्र के कई वार्डों में पानी घुस जाने से लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। सबसे ज्यादा असर इन इलाकों में देखने को मिला है:
- आरपी नगर
- चिमनी भट्टा
- शारदा विहार
- अमरैया पारा
- मोती सागर पारा
- सीतामणी
- मुड़ापार
स्थानीय लोगों के मुताबिक, चिमनी भट्टा इलाके में स्थिति सबसे गंभीर बनी हुई है, जहां करीब 40 घरों में नाले का गंदा पानी घुस गया है। वहीं शारदा विहार अटल आवास में भी 12 से ज्यादा घरों में पानी भर जाने की खबर है। इन इलाकों में रहने वाले लोगों का कहना है कि घरों में पानी घुसने से घरेलू सामान खराब हो गया है और आम जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है।

मौसम विभाग की चेतावनी, अभी और भारी बारिश के आसार
मौसम विभाग ने आज छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्सों में गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की चेतावनी जारी की है। विभाग के मुताबिक, मध्य और उत्तर छत्तीसगढ़ के कुछ क्षेत्रों में भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है। सबसे चिंता की बात यह है कि यह सिलसिला यहीं नहीं थमेगा — मौसम विभाग का अनुमान है कि आने वाले अगले दो दिनों तक भी प्रदेश में बारिश का दौर जारी रह सकता है। ऐसे में कोरबा सहित प्रदेश के अन्य हिस्सों में जलभराव और बाढ़ जैसे हालात और बिगड़ सकते हैं।
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राजधानी रायपुर में भी बादलों का डेरा, गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना
सिर्फ कोरबा ही नहीं, प्रदेश की राजधानी रायपुर में भी मौसम का मिजाज बदला हुआ है। आज यानी 29 अगस्त को रायपुर में गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग के अनुसार शहर का अधिकतम तापमान करीब 30 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान लगभग 24 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है। यानी उमस भरी गर्मी के बीच बारिश की फुहारें लोगों को कुछ राहत जरूर दे सकती हैं, लेकिन गरज-चमक को देखते हुए एहतियात बरतने की जरूरत भी बनी रहेगी।
प्रशासन की अपील, लापरवाही से बचें
इस पूरी घटना के बाद एक बार फिर यह सामने आया है कि उफनते नालों और तेज बहाव वाली जगहों पर पार करने की कोशिश कितनी खतरनाक साबित हो सकती है। प्रशासन और स्थानीय पुलिस लगातार लोगों से अपील कर रही है कि बारिश के इस मौसम में उफनते नालों, पुल-पुलियों और जलभराव वाले इलाकों से दूरी बनाए रखें। खासतौर पर वाहन चालकों को सलाह दी जा रही है कि जब तक पानी का बहाव सामान्य न हो जाए, तब तक जोखिम न उठाएं।
कोरबा की इस घटना ने एक बार फिर याद दिला दिया है कि प्रकृति के आगे जल्दबाजी और लापरवाही कितनी भारी पड़ सकती है। गनीमत रही कि इस बार तीनों दोस्तों की जान बच गई, लेकिन ऐसी घटनाएं अक्सर बड़े हादसों में भी बदल जाती हैं। ऐसे में जरूरी है कि आम लोग मौसम विभाग की चेतावनियों को गंभीरता से लें और प्रशासन के निर्देशों का पालन करें, ताकि आने वाले दिनों में किसी बड़े नुकसान से बचा जा सके।

