रायपुर। राजनीति अब सिर्फ मंच, माइक और रैलियों तक सीमित नहीं रही, बल्कि इसका एक नया अखाड़ा बन गया है — मोबाइल स्क्रीन। फेसबुक की पोस्ट हो, इंस्टाग्राम की रील हो या X पर दागा गया कोई तीखा बयान, अब यही तय करता है कि कौन नेता जनता के दिलोदिमाग पर कितना असर छोड़ रहा है। छत्तीसगढ़ कांग्रेस के नेताओं के सोशल मीडिया आंकड़ों यानि छत्तीसगढ़ कांग्रेस डिजिटल रिपोर्ट पर जब नजर डाली गई, तो एक दिलचस्प और चौंकाने वाली तस्वीर सामने आई है, जिसमें कुछ दिग्गज डिजिटल दुनिया में सिकंदर बने बैठे हैं, तो कुछ नेता अभी भी इस मैदान में हाथ-पांव मारते नजर आ रहे हैं।
भूपेश बघेल: डिजिटल अखाड़े के ‘किंग’
छत्तीसगढ़ कांग्रेस में सोशल मीडिया की बादशाहत किसी एक नाम पर टिकी है, तो वह हैं पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल। फेसबुक, इंस्टाग्राम और X — तीनों ही प्लेटफॉर्म पर उनकी पकड़ इतनी मजबूत है कि बाकी नेता उनके आसपास भी नजर नहीं आते।

आंकड़े देखिए तो हैरानी होगी — भूपेश बघेल के X पर करीब 9.66 लाख, फेसबुक पर 10 लाख से ज्यादा और इंस्टाग्राम पर करीब 4.68 लाख फॉलोअर्स हैं। यानी तीनों प्लेटफॉर्म मिलाकर उनकी डिजिटल फौज 24 लाख से ज्यादा लोगों की है। यह आंकड़ा इतना बड़ा है कि पार्टी के बाकी नेताओं को मिलाकर भी शायद यह रेस बराबरी पर न आए।
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छत्तीसगढ़ कांग्रेस डिजिटल रिपोर्ट में दूसरे नंबर पर टीएस सिंहदेव, पर फासला बहुत बड़ा
इस डिजिटल दौड़ में दूसरा स्थान पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव का है। तीनों प्रमुख प्लेटफॉर्म पर उनकी मौजूदगी उन्हें पार्टी के बाकी नेताओं से अलग खड़ा करती है। हालांकि भूपेश बघेल और उनके बीच का अंतर इतना बड़ा है कि इसे ‘मुकाबला’ कहना भी शायद सही न होगा।

प्रदेश अध्यक्ष होकर भी डिजिटल अखाड़े में ‘कमजोर कड़ी’?
अब बात करते हैं उस आंकड़े की, जो सबसे ज्यादा चौंकाने वाला है। छत्तीसगढ़ कांग्रेस डिजिटल रिपोर्ट में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज, जो पार्टी का सबसे बड़ा संगठनात्मक चेहरा माने जाते हैं, डिजिटल मैदान में उतने दमदार नजर नहीं आते। फेसबुक पर तो उनकी मौजूदगी ठीक-ठाक है, लेकिन X पर उनके फॉलोअर्स सिर्फ 12.8 हजार हैं — यानी 13 हजार से भी कम।

जरा सोचिए, जिस नेता के कंधों पर पूरे प्रदेश कांग्रेस संगठन की जिम्मेदारी है, उसकी डिजिटल आवाज इतनी धीमी क्यों? यह आंकड़ा साफ इशारा करता है कि संगठन में कुर्सी बड़ी होने का मतलब यह जरूरी नहीं कि सोशल मीडिया पर भी दबदबा हो।
छत्तीसगढ़ कांग्रेस डिजिटल रिपोर्ट : नेता प्रतिपक्ष भी रील्स की दुनिया में पीछे
कांग्रेस डिजिटल रिपोर्ट के अनुसार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत भी फेसबुक, इंस्टाग्राम और X — तीनों जगह मौजूद तो हैं, लेकिन फेसबुक के मुकाबले इंस्टाग्राम पर उनकी फॉलोइंग काफी कम है। यानी युवाओं के सबसे पसंदीदा प्लेटफॉर्म पर उनकी पकड़ ढीली नजर आती है।

छत्तीसगढ़ कांग्रेस डिजिटल रिपोर्ट’ एक नजर में
चलिए अब पूरे आंकड़ों पर एक नजर डाल लेते हैं, ताकि साफ-साफ समझ आ जाए कि कौन नेता कहां खड़ा है —
- भूपेश बघेल: X — 9.66 लाख | फेसबुक — 10 लाख+ | इंस्टाग्राम — 4.68 लाख
- दीपक बैज: X — 12.8 हजार | फेसबुक — 1.4 लाख | इंस्टाग्राम — 44.9 हजार
- चरणदास महंत: X — 75.7 हजार | फेसबुक — 1.59 लाख | इंस्टाग्राम — 14.7 हजार
- मोहन मरकाम: X — 93.2 हजार | फेसबुक — 60 हजार | इंस्टाग्राम — 4.8 हजार
- ताम्रध्वज साहू: X — 71 हजार | फेसबुक — 58 हजार | इंस्टाग्राम — 36.3 हजार
- कवासी लखमा: X — 4.7 हजार | फेसबुक — 4.4 हजार | इंस्टाग्राम — अकाउंट ही नहीं
- फूलोदवी नेताम: X — 7.5 हजार | फेसबुक — 4.4 हजार | इंस्टाग्राम — 8.3 हजार
इन आंकड़ों को देखकर एक बात तो साफ है — पार्टी में कई नेताओं का कद राजनीतिक रूप से भले ही बड़ा हो, पर डिजिटल दुनिया में उनकी ‘हैसियत’ एक जैसी बिल्कुल नहीं है।
सबसे मजेदार बात: फॉलोअर्स ही सब कुछ नहीं!
अब यहां एक दिलचस्प ट्विस्ट भी है। सोशल मीडिया के जानकारों की मानें तो सिर्फ फॉलोअर्स की गिनती से किसी नेता की असली डिजिटल ताकत का अंदाजा नहीं लगाया जा सकता। असली खेल तो एंगेजमेंट का है — यानी किसी पोस्ट को कितने लोगों ने देखा, कितने लाइक-कमेंट आए और कितनी बार उसे शेयर किया गया।
मतलब यह कि हो सकता है कम फॉलोअर्स वाला कोई नेता भी किसी एक जोरदार पोस्ट या बयान से रातोंरात लाखों लोगों तक पहुंच जाए, जबकि लाखों फॉलोअर्स रखने वाला नेता भी हर पोस्ट पर वैसा असर न छोड़ पाए। यानी संख्या बड़ी जरूर है, लेकिन पूरी कहानी नहीं।
जेन-जी वोटर तक पहुंच बनाना जरूरी क्यों?
आज की राजनीति में यह बात हर पार्टी अच्छी तरह समझ चुकी है कि युवा वोटर, खासकर जेन-जी, अब अखबार या टीवी से ज्यादा भरोसा इंस्टाग्राम रील्स और X के ट्रेंड्स पर करता है। ऐसे में जिन नेताओं की इंस्टाग्राम पर पकड़ कमजोर है, उनके लिए यह सिर्फ आंकड़ों का मामला नहीं, बल्कि आने वाले वक्त की एक बड़ी राजनीतिक चुनौती भी है।
निचोड़ क्या निकला?
कुल मिलाकर छत्तीसगढ़ कांग्रेस डिजिटल रिपोर्ट से एक बात एकदम साफ हो गई है — भूपेश बघेल इस रेस में मीलों आगे हैं और उनके आसपास फिलहाल कोई नहीं टिकता। टीएस सिंहदेव जरूर दूसरे नंबर पर हैं, लेकिन बाकी बड़े चेहरे — चाहे वे संगठन में कितने भी ऊंचे पद पर क्यों न हों — डिजिटल मैदान में अभी भी अपनी जगह मजबूत करने की जद्दोजहद में लगे नजर आते हैं। अब देखने वाली बात यह होगी कि आने वाले दिनों में ये नेता अपनी डिजिटल पकड़ मजबूत करने के लिए कौन सी नई रणनीति अपनाते हैं।

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